Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर एक नई सूचना सामने आई है। पहले यह उम्मीद थी कि 6 जनवरी को यह लिस्ट जारी की जाएगी, लेकिन अब चुनाव आयोग ने इसकी तारीख बढ़ा दी है। अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 6 जनवरी के बजाय 6 मार्च को जारी की जाएगी। इस बदलाव के पीछे क्या वजहें हैं, और इससे उत्तर प्रदेश के नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा?
चुनाव आयोग की तैयारी
चुनाव आयोग ने लिस्ट जारी करने से पहले कुछ अतिरिक्त कदम उठाने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार, ड्राफ्ट लिस्ट जारी करने से पहले कुछ दस्तावेजों की मैपिंग प्रक्रिया की जाएगी। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए है कि जिन दस्तावेजों पर फॉर्म भरे गए हैं, उनमें कोई गड़बड़ी न हो। अगर किसी व्यक्ति का नाम अनजाने में सूची से बाहर हो जाए या किसी गलती के कारण उसका नाम हटाना पड़े, तो उसे समय रहते ठीक किया जा सके।
संभावित बदलाव: 2.89 करोड़ मतदाता प्रभावित
जारी की जा रही ड्राफ्ट लिस्ट से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग इस प्रक्रिया में अभी भी समीक्षा कर रहा है और यह देख रहा है कि क्या कुछ और नाम जोड़े जा सकते हैं। अगर किसी भी मतदाता की जानकारी सही पाई जाती है तो उनका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में बरकरार रखा जाएगा। इस प्रक्रिया से जुड़े हर कदम पर चुनाव आयोग की नजर है ताकि चुनाव के समय कोई गड़बड़ी न हो।
मार्च में फाइनल लिस्ट
हालांकि, यह तो साफ है कि फाइनल वोटर लिस्ट अब 6 मार्च को जारी की जाएगी। इस समय तक सभी संशोधन और सुधार प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। लोगों को यह उम्मीद है कि इस बार चुनाव आयोग की ओर से कोई बड़ी गलती नहीं होगी और उनकी जानकारी सही रहेगी।
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