UP Kiran,Digital Desk: बिहार में इस साल के पैक्स (PACS) चुनाव का ऐलान कर दिया गया है, जो 24 जिलों के 436 पैक्सों में 18 मार्च को होने वाला है। इस चुनाव में एक खास बात यह है कि मतदान और मतगणना एक ही दिन में पूरी की जाएगी और नतीजे भी तुरंत घोषित कर दिए जाएंगे। राज्य चुनाव समिति ने इस संबंध में शुक्रवार को अधिसूचना जारी की, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव की प्रक्रिया को लेकर उत्साह का माहौल बन गया है।
चुनाव की तिथियां और प्रक्रिया के चरण
पैक्स चुनाव की प्रक्रिया 6 और 7 मार्च से प्रारंभ होगी, जब उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। 9 और 10 मार्च को इन नामों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी और 11 मार्च नाम वापस लेने की आखिरी तारीख होगी। मतदान 18 मार्च को सुबह 7 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक चलेगा। इस प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशियों को खुद को चुनावी मैदान में साबित करने का एक और मौका मिलेगा।
आरक्षण की व्यवस्था और महिलाएं
पैक्स चुनाव में विशेष ध्यान दिया गया है ताकि सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। मैनेजमेंट कमिटी में आरक्षण का प्रावधान रखा गया है, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के लिए दो-दो सीटें आरक्षित हैं। इन सीटों में से 50 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जो इस चुनाव को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी समाज में सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा करती है।
कौन से जिले और कितने पैक्सों में चुनाव होंगे?
यह चुनाव 24 जिलों में होंगे, जिनमें अररिया, औरंगाबाद, कटिहार, कैमूर, खगड़िया, जहानाबाद, दरभंगा, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, रोहतास, लखीसराय, समस्तीपुर, सहरसा, सारण, सीतामढ़ी, सिवान और सुपौल जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।
सबसे ज्यादा पैक्स वाले जिले
कुछ जिले ऐसे हैं जहां पैक्सों की संख्या अधिक है। अररिया में 70 पैक्स हैं, जबकि मधुबनी और भागलपुर में 69 और 64 पैक्सों का चुनाव होगा। इसके अतिरिक्त सीवान में 37, कटिहार में 22 और सुपौल में 21 पैक्सों में मतदान होगा। छोटे जिलों में जैसे खगड़िया और बांका में दो-दो पैक्सों में चुनाव होंगे, वहीं मुजफ्फरपुर में केवल एक पैक्स में चुनाव होगा।

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