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Up Kiran, Digital Desk: बिहार की सियासत में इन दिनों कुछ भी स्थिर नहीं है। सीट बंटवारे को लेकर एनडीए में जो अंदरूनी खींचतान चल रही है, उसका सीधा असर न सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं पर बल्कि आम मतदाताओं पर भी पड़ रहा है। सहरसा की सोनबरसा सीट और राजगीर सीट को लेकर जो उठापटक सामने आई है, उसने एनडीए के भीतर भरोसे की दीवारों को हिला दिया है।

जदयू को झटका, सोनबरसा सीट लोजपा (रामविलास) के हिस्से में!

सोनबरसा सीट जो फिलहाल जदयू नेता और मंत्री रत्नेश सदा के पास है, अब खबर है कि वह चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को दे दी गई है। जदयू पहले ही यहां से रत्नेश सदा को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुका था। ऐसे में इस बदलाव से क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं में भ्रम और नाराजगी है। जनता अब यह सोचने पर मजबूर है कि आखिर इनके बीच चल क्या रहा है?

राजगीर पर भी छिड़ी जंग, NDA में बढ़ा अविश्वास

राजगीर सीट को लेकर भी टकराव जारी है। यहां लोजपा (रामविलास) का दावा है, जबकि यह सीट पहले से जदयू के पास थी। दोनों दलों के बीच तनातनी थमी नहीं है और अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। ऐसे में एनडीए में भीतर ही भीतर सुलग रही असहमति अब खुले आम सामने आने लगी है।

तारापुर में सम्राट चौधरी को टिकट, जदयू का गुस्सा फूटा

तारापुर सीट भाजपा को सौंप दी गई है और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यहां से चुनाव लड़ेंगे। यह फैसला जदयू को नागवार गुजरा है। सहयोगी दलों के बीच तालमेल की कमी अब खुलकर दिखने लगी है। जनता में यह चर्चा गर्म है कि अगर आपसी सहमति ही नहीं है, तो चुनावी वादे कितने भरोसेमंद होंगे?

टिकट कटने की आशंका से तमतमाए विधायक, धरने पर बैठे

इसी खींचतान के बीच जदयू विधायक गोपाल मंडल ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देकर सबको चौंका दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें टिकट देने से रोकने की साजिश हो रही है। मंडल ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री से मिलकर आश्वासन नहीं मिलता, वह वहीं बैठे रहेंगे। उनका ये विरोध प्रदर्शन पार्टी के भीतर उठते असंतोष की बड़ी तस्वीर पेश करता है।

महागठबंधन में भी हलचल, लालू ने बांटे RJD के चुनाव चिन्ह

एनडीए ही नहीं, महागठबंधन में भी सीट बंटवारे को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। फिर भी RJD सुप्रीमो लालू यादव ने अपने भरोसेमंद नेताओं को चुनाव चिन्ह बांट दिए हैं। सोमवार को कई उम्मीदवार पार्टी ऑफिस पहुंचे और खुशी-खुशी अपने चुनाव चिन्ह के साथ नजर आए। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कितने लोगों को आधिकारिक टिकट मिला है।