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Up Kiran, Digital Desk: बिहार सरकार ने आपातकालीन सेवा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को घोषणा की कि बिहार पुलिस में तैनात सेना से सेवानिवृत्त चालकों का मानदेय अब 25,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह कर दिया जाएगा। इसके अलावा, इन चालकों की सेवा अवधि को एक साल के लिए और बढ़ाया जाएगा।

सेना से सेवानिवृत्त चालकों का सेवा विस्तार

सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य में चल रही आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) के तहत कार्यरत 4,426 चालक पदों में से 3418 पद सिपाही और 1009 पद हवलदार के हैं। इन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी है, लेकिन भर्ती और प्रशिक्षण में समय लगने की संभावना के कारण, सेना से सेवानिवृत्त चालकों की सेवा को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। पहले सेवानिवृत्त चालकों की सेवा अवधि मार्च 2026 तक बढ़ाई गई थी, और अब यह एक और साल तक जारी रहेगी।

नई सेवा अवधि में खर्च और लाभ

इन चालकों के सेवा विस्तार पर बिहार सरकार लगभग 161 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके साथ ही, 4,000 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता भी दिया जाएगा। सरकार का यह कदम आपातकालीन सेवाओं में तेजी और प्रभावशीलता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

112 सेवा के लिए तैयारियाँ और रिस्पांस टाइम में कमी

उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार राज्य में 112 आपातकालीन सेवा के रिस्पांस टाइम को कम करने के लिए लगातार काम कर रही है। हाल ही में, पूर्वी चंपारण में पुलिस अधीक्षक के कार्यालय भवन, रोहतास में पुलिस केंद्र की बुनियादी सुविधाओं का निर्माण और लखीसराय में महिला पुलिस कर्मियों के लिए बैरक का निर्माण किया गया। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य बिहार पुलिस की कार्यक्षमता और सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाना है।