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encroachment in rudrapur: उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा रोडवेज बस स्टेशन में निर्माणाधीन आईएसबीटी टर्मिनल के निर्माण में बाधा उत्पन्न कर रहे अतिक्रमण के विरुद्ध प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत रोडवेज डिपो के फोरमैन आवास पर वर्षों से अवैध रूप से कब्जा कर बैठे अतिक्रमणकारियों को हटाया गया।

प्रशासन ने इस कार्यवाही के दौरान करीब पांच पक्के भवनों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। हालांकि, इस दौरान छह परिवारों को खुद से अपने भवन खाली करने के लिए समय दिया गया।

न्यायालय ने खारिज कर दिया था केस

अपर क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) के अनुसार, अतिक्रमणकारियों ने कोर्ट में वाद दायर किया था, जिसके चलते आईएसबीटी टर्मिनल का निर्माण रुक गया था। मगर न्यायालय ने अतिक्रमणकारियों के वाद को खारिज कर दिया, जिससे निर्माण कार्य फिर से शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

तीन मार्च को सहायक महाप्रबंधक केएस राणा ने फोरमैन आवास पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर रह रहे 11 परिवारों को नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें 18 मार्च तक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। मगर जब परिवारों ने अपने भवन खाली नहीं किए, तो मंगलवार को निगम के जीएम पवन मेहरा और अन्य अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ फोरमैन आवास पर कार्रवाई की।

कार्रवाई से भय के मारे रोने लगे बच्चे

जब पुलिस और प्रशासनिक अफसर कार्रवाई करने पहुंचे, तो वहां रहने वाले परिवारों में हड़कंप मच गया। महिलाएं और बच्चे भय के मारे रोने लगे। तहसीलदार दिनेश कुटौला ने परिवारों को तुरंत भवन खाली करने का आदेश दिया। कुछ परिवारों ने अपने सामान निकालने के लिए थोड़ी मोहलत मांगी, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें समय दिया।

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