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Up Kiran, Digital Desk: कनाडा, जिसे शांति और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है, अब दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के लिए एक खतरे के रूप में उभरता दिख रहा है। ब्राम्पटन में रहने वाले भारतीय मूल के विक्रम शर्मा ने हाल ही में कनाडा छोड़ने का फैसला किया, जब उनके परिवार को गैंगस्टरों से जान से मारने की धमकियाँ मिलीं और उनके घर पर गोलीबारी की गई। यह घटना कनाडा में बढ़ते सुरक्षा संकट और दक्षिण एशियाई समुदाय के व्यापारियों पर हो रहे अपराधों की ओर इशारा करती है।

3 जनवरी को एक खौफनाक सुबह

विक्रम शर्मा के लिए 3 जनवरी, 2026 की सुबह एक डरावनी याद बनकर रह गई। वे और उनका परिवार अपने घर में सो रहे थे, तभी सुबह के समय कुछ नकाबपोश हमलावरों ने उनके घर के बाहर गोलियाँ चलाईं। विक्रम को गोलियों की आवाज सुनकर पहली बार ऐसा लगा कि यह नए साल के उत्सव में हो रहे पटाखों की आवाज है। हालांकि, बाद में पुलिस ने बताया कि उनकी कार और गैरेज को पूरी तरह से गोलियों से छलनी कर दिया गया था।

यह पहली बार नहीं था जब विक्रम और उनके परिवार को धमकियाँ मिलीं थीं। कुछ घंटों बाद उनके फोन पर एक वीडियो आया जिसमें उनके घर पर गोलीबारी की फुटेज दिखाई गई थी। इसके तुरंत बाद एक फोन कॉल आया, जिसमें हमलावर ने 5 लाख अमेरिकी डॉलर की मांग की। धमकी दी गई कि अगर एक दिन के भीतर यह पैसा नहीं दिया गया तो उनके परिवार को जान से मार दिया जाएगा।

बढ़ते अपराध और पुलिस की कमजोर प्रतिक्रिया

विक्रम ने बताया कि इसके बाद भी 6 जनवरी को उन्हें धमकियाँ मिलती रही। कॉलर ने उन्हें सीधे तौर पर चेतावनी दी कि “अगली गोली तुम्हारे लिए होगी।” पुलिस ने विक्रम को केवल अपना फोन नंबर बदलने और स्थान बदलने की सलाह दी, लेकिन इस हल्की प्रतिक्रिया से वे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने अपनी पत्नी और चार महीने की बेटी की सुरक्षा के लिए कनाडा छोड़ने का निर्णय लिया।

कनाडा में दक्षिण एशियाई समुदाय को बढ़ता खतरा

विक्रम की कहानी अकेली नहीं है। हाल के वर्षों में कनाडा में दक्षिण एशियाई समुदाय के व्यवसायों और व्यक्तियों को निशाना बनाने वाले अपराधों में तेजी आई है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल पील रीजन में 400 से अधिक जबरन वसूली के मामले दर्ज हुए, जिनमें से अधिकांश दक्षिण एशियाई व्यापारियों को टारगेट किया गया। यह आंकड़ा कनाडा में बढ़ते अपराधों और सुरक्षा चिंताओं का संकेत देता है।

पील रीजनल पुलिस की 'एक्सटॉर्शन इन्वेस्टिगेशन टास्क फोर्स' इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है।