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Up Kiran, Digital Desk: यह एक गंभीर मामला सामने आया है जहाँ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के छह जवानों को हिरासत में रखकर मारपीट (custodial torture) के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बाद हुई है, जिसने इस मामले में तुरंत जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

क्या है पूरा मामला?

 यह मामला जम्मू-कश्मीर में हुई एक घटना से जुड़ा है जहाँ कुछ पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर बेरहमी से पीटा। इस घटना के सामने आने के बाद, पीड़ित या संबंधित लोगों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI को जांच का जिम्मा सौंपा था और यह भी निर्देश दिया था कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो तुरंत कार्रवाई की जाए। इसी आदेश के तहत, CBI ने जम्मू-कश्मीर पहुंचकर जांच की और आरोपों की पुष्टि होने पर इन छह पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है।

CBI की जांच और आगे की कार्रवाई

CBI अब इन गिरफ्तार किए गए जवानों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। हिरासत में टॉर्चर भारतीय कानूनों के तहत एक बेहद संगीन अपराध है, और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है। CBI इस बात की भी जांच करेगी कि क्या यह किसी एक घटना का मामला है या इस तरह की और भी वारदातें हुई हैं।

इस तरह की कार्रवाई न केवल मानवाधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कानून के शासन को बनाए रखने के लिए भी ज़रूरी है। सुप्रीम कोर्ट का यह हस्तक्षेप दिखाता है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह मामला पुलिस की जवाबदेही और हिरासत में कैदियों के अधिकारों पर एक बार फिर से ध्यान केंद्रित करता है।

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