पंजाब सरकार ने राजस्व विभाग में जन सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, तेज और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए मंगलवार को कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की। इन फैसलों का उद्देश्य बिना विरोध वाले इंतकालों की तस्दीक, नकल मुहैया करने, आय प्रमाण पत्र जारी करने, और राजस्व रिकॉर्डों की जांच से संबंधित सभी बकाया मामलों का 30 अप्रैल 2025 तक निपटारा करना है। इसके साथ ही आपत्ति वाले इंतकालों की तस्दीक के लिए समय सीमा को 45 दिन से घटाकर 30 दिन करने का भी ऐलान किया गया।
सरकार ने वादा किया है कि इन सभी बकाया मामलों का निपटारा 30 अप्रैल, 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए डिप्टी कमिश्नरों को रोजाना केसों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है ताकि समय पर निपटारा सुनिश्चित हो।
इन समय सीमाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जवाबदेह बनाया गया है। देरी होने पर सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मान सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कदम न केवल सेवाओं को सुचारु बनाने के लिए हैं, बल्कि भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए भी हैं। डिप्टी कमिश्नरों की निगरानी और सख्त जवाबदेही सुनिश्चित करेगी कि जनता को बिना किसी परेशानी के सेवाएं मिलें। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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