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Up Kiran,Digital Desk: उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर CM योगी ने अपनी सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया है। मंगलवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर उठते सवालों का सीधा जवाब दिया। उन्होंने प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए अपनी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की पुनः पुष्टि की, और कहा कि इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।

अपराधियों को सख्त संदेश

सीएम योगी ने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा की गई मुठभेड़ों पर उठ रहे सवालों का उन्होंने संतुलित तरीके से जवाब दिया। उनका कहना था कि अगर पुलिस गोली नहीं चलाती है, तो क्या पुलिस खुद गोली खा ले? उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों को समझाने के लिए उन्हें उसी की भाषा में जवाब देना जरूरी हो जाता है। उनके अनुसार, अपराध और अपराधियों के प्रति राज्य की नीति अत्यंत कठोर है, और अपराधी यदि कानून का डर नहीं मानते तो पुलिस को भी कड़ी कार्रवाई करने का अधिकार है।

पुलिस को दी गई है ‘सक्षम’ ट्रेनिंग

सीएम योगी ने आगे कहा कि पुलिस को न केवल आधुनिक हथियार दिए गए हैं, बल्कि उनकी ट्रेनिंग भी इस प्रकार से की जाती है ताकि वे अपराधियों से सख्ती से निपट सकें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि अपराधी के पास गोली चलाने की छूट है तो पुलिस के पास भी उसे काबू में करने के लिए हथियार और ट्रेनिंग होनी चाहिए।

पारदर्शी और समान कानून का पालन

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने हमेशा कानून के साथ खड़े रहने का निर्णय लिया है, चाहे वह आम आदमी हो या कोई बड़ा माफिया। अगर कोई व्यक्ति गलत करता है तो उसके साथ उतनी ही सख्ती से निपटा जाएगा जितना अपराधियों के साथ होता है।

प्रदेश में बढ़ी शांति और सुरक्षा

मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में हालात में बदलाव आया है। अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्यवाही से राज्य में अब बड़े त्योहार भी शांति से मनाए जा रहे हैं। दंगे, गुंडा टैक्स और अराजकता की घटनाएं अब प्रदेश में सुनाई नहीं देतीं। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश निवेश के लिहाज से देश और दुनिया में आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति से भ्रष्टाचार पर काबू

सीएम योगी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई करती रहेगी, और इसमें कोई भेदभाव नहीं होगा। उनका मानना है कि अगर प्रशासन से जुड़ा कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है तो उसे भी माफिया के समान सजा मिलेगी।

मुख्यमंत्री का यह बयान पुलिस बल को हिम्मत देने और अपराधियों को कड़ा संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है। यह सरकार की नीतियों का प्रतिबिंब है, जिसमें कानून के प्रति निष्ठा और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति साफ दिखाई देती है।