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Up Kiran, Digital Desk: चंडीगढ़ में आगामी मेयर चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच अब तक की सबसे दिलचस्प रणनीतियां बन रही हैं। भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस तीनों के लिए यह चुनाव किसी भी कीमत पर जीतने का मौका बन चुका है। भाजपा का पलड़ा तो भारी दिखाई दे रहा है, लेकिन बहुमत से केवल एक वोट की दूरी पर है। वहीं आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर चुनावी गठबंधन की घोषणा की है। दोनों दलों के बीच हुए इस समझौते के बाद, चुनावी समीकरण नया मोड़ ले चुके हैं।

भाजपा, कांग्रेस और आप का समीकरण

चंडीगढ़ में कुल 35 पार्षद हैं, जिनमें से बहुमत के लिए 19 वोटों की जरूरत होगी। भाजपा के पास फिलहाल 18 पार्षद हैं, और हाल ही में उसने आप के दो पार्षदों को अपने साथ मिला लिया है। आम आदमी पार्टी के पास 11 वोट हैं, जबकि कांग्रेस के पास 7 वोट हैं, जिनमें से एक सांसद मनीष तिवारी का है। इन सबके बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ही गठबंधन के जरिये अपने लिए एक-एक वोट जुटाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। खास बात यह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने क्रॉस वोटिंग की संभावना से इंकार नहीं किया है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प बन सकता है।

आप और कांग्रेस का गठबंधन

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच चुनावी गठबंधन के बारे में मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय में एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष लक्की ने इस गठबंधन को लेकर कहा कि दोनों दलों के बीच चुनावी समझौता हो चुका है। इसके तहत मेयर पद पर आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार होगा, जिसे कांग्रेस का समर्थन प्राप्त होगा। वहीं, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतारेगी, जिसे आप का समर्थन मिलेगा।

पिछला चुनाव और धांधली का मामला

चंडीगढ़ में पिछले मेयर चुनाव में धांधली के आरोपों के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच चुका था। 2025 में हुए चुनाव के दौरान, प्रीजाईडिंग अफसर अनिल मसीह पर भाजपा को विजेता घोषित करने का आरोप लगा था। बाद में मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हुई और आम आदमी पार्टी का मेयर चुना गया। इस बार चुनाव में किसी भी प्रकार की धांधली को लेकर चुनाव आयोग ने कड़ी निगरानी रखने की योजना बनाई है।

आगामी चुनाव की तारीख

नगर निगम चंडीगढ़ के चुनाव 29 जनवरी को होंगे, जिसमें सबसे पहले मेयर का चुनाव होगा, उसके बाद सीनियर डिप्टी मेयर और फिर डिप्टी मेयर के लिए वोट डाले जाएंगे। उम्मीदवारों को 22 जनवरी तक अपना नामांकन दाखिल करना होगा। चुनावी प्रक्रिया के दौरान यह देखा जाएगा कि कौन सा गठबंधन जीत के करीब पहुंचता है, और जनता को क्या उम्मीदें हैं।