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Up Kiran, Digital Desk: ताइवान के आसपास चीन की हरकतें फिर तेज हो गई हैं। रविवार सुबह ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सिर्फ़ पिछले चौबीस घंटों में चीन के 27 लड़ाकू विमान, ग्यारह नौसेना जहाज और तीन सरकारी जहाज दिखे। सबसे खतरनाक बात यह रही कि पूरे पच्चीस विमानों ने ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा को पार कर लिया और सीधे ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुस आए।

मंत्रालय ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा कि आज सुबह छह बजे तक हमने 27 PLA विमान और 14 जहाज ट्रैक किए। 25 ने मीडियन लाइन क्रॉस की। हमने पूरी निगरानी रखी और जवाबी कदम उठाए।

एक दिन पहले यानी शनिवार को भी ऐसा ही हुआ था। बारह बार मध्य रेखा लांघी गई। उस दिन J-16 फाइटर जेट, H-6 बमवर्षक और KJ-500 चेतावनी विमान शामिल थे। ताइवान अब चुप नहीं बैठना चाहता। वह अपनी सेना, रिजर्व फोर्स और पूरा रक्षा ढांचा मजबूत करने में जुट गया है।

इसी बीच जापान और चीन के बीच जुबानी जंग अलग से चरम पर पहुँच गई है। जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संसद में ताइवान को लेकर चीन को कड़ी चेतावनी दी थी। बस फिर क्या था, बीजिंग भड़क उठा। चीन ने अपने नागरिकों के लिए जापान की यात्रा पर चेतावनी जारी कर दी कि वहाँ अपराध बढ़ गए हैं। मतलब साफ़ है – यह बदले की कार्रवाई है।

साथ ही चीन ने पीले सागर के बीचों-बीच मंगलवार से गुरुवार तक लाइव मिसाइल फायरिंग का ऐलान कर दिया। नेविगेशन चेतावनी जारी हुई है। ताइवान का कहना है कि चीन जानबूझकर जापान से झगड़ा करके राजनीतिक फायदा लेना चाहता है।