केशव प्रसाद मेरीय ने सरकारी आवास की उच्च स्तरीय बैठक में रहे सोरभ बाबु, प्रमुख सचिव, ग्राम विकास, जी.एस. प्रियदर्शी, आयुक्त, ग्राम विकास एवं निदेशक, राज्य आजीविका मिशन के साथ वरिष्ठ अधिकारी और HCL Foundation, ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) जैसी प्रमुख सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।
उपमुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिये कि सभी जिला और ब्लॉक स्तरीय टीमें मिशन मोड में कार्य करें ताकि प्रदेश की हर ग्रामीण महिला आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बन सके । राज्य आजीविका मिशन के अन्तर्गत स्वयं सहायता समूह की दीदीयों को 1 करोड़ बनाने के लक्ष्य को पूरा करना एवं प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त कराने की तैयारी युद्धस्तर पर की जाए। पुनः उच्च अधिकारियों को अवगत कराते हुए कहा कि योजना को समयबद्ध एवं पारदर्शिता के अनुरूप किया जाए यदि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई तो कठोर कार्यवाही के लिए तैयार रहें।
बैठक के बिंदु:
• 1 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य: उपमुख्यमंत्री जी ने पूरे प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों (SHG) की दीदियों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए 1 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है । पूर्व में यह लक्ष्य 35 लाख का था, जिसे अब व्यापक स्तर पर विस्तारित किया गया है ।
• आय में वृद्धि: अगले 3 वर्षों में 35 लाख संभावित लखपति दीदियों (PLDs) की आय में 40% की वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है ।
• संस्थागत ढांचा: 1 करोड़ SHG सदस्यों को सहायता प्रदान करने के लिए एक मजबूत संस्थागत और प्रणालीगत ढांचा विकसित किया जाएगा । इसके तहत संकुल स्तरीय संघ (CLF) की संस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा ।
• डिजिटल आजीविका: मिशन के तहत अब तक 35 लाख डिजिटल आजीविका रजिस्टर (DAR) का निर्माण किया जा चुका है और 60,000 कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन्स (CRPs) को प्रशिक्षित करने की योजना है ।
• विभागीय अभिसरण: सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों (जैसे कृषि, पशुपालन, पंचायती राज, और MSME) के साथ समन्वय (Convergence) पर जोर दिया गया है ताकि महिलाओं को सरकारी पूंजी और संसाधनों का अधिकतम लाभ मिल सके ।
• ड्रोन और कृषि सखी: ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन दीदियों का प्रशिक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि सखियों को विशेष सहयोग प्रदान किया जाएगा ।
• हर द्वार आपकी सरकार के तहत कार्य करें।
• दाल, मसाले, तेल, खाद्य प्रदार्थ को खाद्य प्रसंस्करण विभाग से समन्वय स्थापित कर ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनायें।
• बैट्री रिक्शा, बैंक सखियों की संख्या को बढ़ाएं और उनको एलआईसी से जोड़ा जाये.
• शहरी एवं ग्रामीण स्तर पर रिटेल स्टोर बनायें, समूह के उत्पादित सामग्रियों की बिक्री करायी जाये।




