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Up kiran,Digital Desk : महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगरपालिका परिषद में राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। यहाँ कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की है कि वह उन 12 पार्षदों के खिलाफ कानूनी कदम उठाएगी, जो कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुने जाने के बाद भाजपा में शामिल हो गए हैं और इसलिए उन्हें अयोग्य (disqualify) ठहराने की मांग करेगी।

कांग्रेस का कहना है कि ये 12 पार्षद संवैधानिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, क्योंकि वे कांग्रेस के सिंबल पर जीते थे और बाद में बीजेपी में शामिल होकर अपनी पार्टी बदल ली। पार्टी के प्रवक्ता सचिन सावंत ने इस कदम को अवैध और असंवैधानिक करार देते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में सदस्यता रद्द करने तथा अयोग्यता देने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया जाना चाहिए। इसके तहत इन पार्षदों को नोटिस जारी किया जाएगा और अदालत में अर्जी दाखिल कर दी जाएगी। 

यह विवाद 20 दिसंबर को हुए स्थानीय चुनावों के बाद सामने आया, जबअंबरनाथ नगरपालिका परिषद में भाजपा-कांग्रेस-राकांपा गठबंधन (अंबरनाथ विकास अघाड़ी) ने शिवसेना के मुकाबले बहुमत बनाया था। नतीजों के बाद कांग्रेस ने इन 12 पार्षदों और स्थानीय ब्लॉक अध्यक्ष को सस्पेंड भी किया था, लेकिन उन्होंने बाद में भाजपा का दामन थाम लिया। 

इस राजनीतिक घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीतिक समीकरण को बदल दिया है और अब मामला न्यायिक समीक्षा तक पहुंचने की संभावना पर भी चर्चा का विषय बना है।