Up kiran,Digital Desk : कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने शनिवार को अपने संगठनिक दिनों के अनुभव साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी कुछ अनकही बातें उजागर कीं। शुक्ला ने बताया कि भाजपा के महासचिव रहते हुए भी मोदी अपने साथ छोटा कंप्यूटर रखते थे और तकनीक का इस्तेमाल करने में माहिर थे।
रूबरू कार्यक्रम में मोदी का पहला टीवी अनुभव
राजीव शुक्ला ने बताया कि उन्होंने दिवंगत भाजपा नेता अरुण जेटली के घर पर मोदी का साक्षात्कार लिया था। यह साक्षात्कार टीवी के प्रसिद्ध रूबरू कार्यक्रम के लिए था। शुक्ला ने कहा कि उस समय उन्हें नहीं लगा था कि मोदी बाद में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा, “मोदी उस समय चुनावी राजनीति में नहीं जाना चाहते थे और संगठनात्मक काम करना चाहते थे।”
संगठन के आदमी मोदी
शुक्ला ने कहा कि नरेंद्र मोदी पूरी तरह संगठन के आदमी थे। उन्होंने राज्यों में पार्टी की गतिविधियों को मजबूत किया, चुनावी रणनीतियों पर ध्यान दिया और पार्टी को 1998 के लोकसभा चुनाव जीताने में अहम भूमिका निभाई। शुक्ला ने बताया कि अरुण जेटली संगठन और बैकग्राउंड मैनेजमेंट में माहिर थे, और मोदी ने उनके साथ मिलकर संगठन को मजबूत किया।
गुजरात की राह और राजनीति में प्रवेश
शुक्ला के अनुसार, मोदी ने कहा था कि उन्हें चुनावी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन हालातों के चलते उन्हें गुजरात जाना पड़ा। 1995 से वे भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के रूप में काम कर रहे थे और हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश में पार्टी गतिविधियों को संभाल रहे थे। सितंबर 2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के फोन ने मोदी के राजनीतिक जीवन में नया अध्याय शुरू किया।
प्रधानमंत्री के रूप में तकनीकी दृष्टिकोण
शिक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्रौद्योगिकी के अच्छे ज्ञाता हैं और जीवन को सरल बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करने में विश्वास रखते हैं। गुजरात में अपने 13 साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में उन्होंने गुड गवर्नेंस पर जोर दिया और 26 मई, 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
कांग्रेस के साथ संबंध
शुक्ला ने यह भी बताया कि भाजपा नेताओं से उनकी मुलाकातों और रिश्तों को लेकर गांधी परिवार या कांग्रेस पार्टी ने कभी कोई आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में राजनीतिक आजादी पर्याप्त है।




