UP Kiran,Digital Desk: हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत 35 लाख से अधिक दस्तावेज़ और जानकारी जारी की हैं। ये दस्तावेज़ न सिर्फ जस्टिस के सवाल उठाते हैं, बल्कि पूरी दुनिया में एक खौ़फनाक रियलिटी को सामने लाते हैं। यौन शोषण के गंभीर आरोपों में नामी कारोबारी जेफरी एपस्टीन और उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल के खिलाफ जो खुलासे हुए हैं, वे दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गए हैं। लेकिन इस कहानी के दूसरे पहलु को समझने की जरूरत है: उन महिलाओं और किशोरियों पर इसके क्या प्रभाव पड़े, जिन्होंने इसके जाल में फंसकर अपनी जिंदगी खो दी।
कैसे शुरू हुआ शोषण का सिलसिला?
सबसे पहले यह सवाल उठता है कि एपस्टीन ने अपने शिकारों को कैसे चुना और उन्हें इस जाल में फंसाया। टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस जाल का पहला शिकार एक 14 साल की लड़की थी, जिसे 'जेन' के नाम से पहचाना गया। यह लड़की ग्रीष्मकालीन कला शिविर में भाग लेने आई थी, जहां उसकी मुलाकात घिसलेन मैक्सवेल से हुई। इस मुलाकात में मैक्सवेल ने अपने यॉर्कशायर टेरियर कुत्ते के साथ उसे लुभाया। फिर धीरे-धीरे एपस्टीन ने लड़की को अपने नेटवर्क का हिस्सा बना लिया।
शोषण का तरीका और विस्तार
एपस्टीन के शोषण का तरीका बेहद चालाक था। वह अपनी पहचान, पैसे और प्रभाव का इस्तेमाल करता था। फ्लोरिडा में वह गरीब इलाकों की लड़कियों को निशाना बनाता और न्यूयॉर्क में महत्वाकांक्षी युवतियों को छात्रवृत्तियां और प्रभावशाली लोगों से संपर्क देने का लालच देता। पूर्वी यूरोप से महिलाओं को मॉडलिंग के वादे पर लाकर उन्हें अमेरिका में फंसा लिया जाता था।
इसके अलावा, घिसलेन मैक्सवेल का इस नेटवर्क में अहम रोल था। वह न केवल लड़कियों का चयन करती थीं, बल्कि उनकी ज़िंदगी और परिवार की कमजोरियों का भी पता लगाती थीं। लड़कियों को आकर्षित करने के लिए उन्हें उपहार देना, सिनेमा ले जाना और खरीदारी कराना जैसी मासूम सी बातें की जातीं, जिनसे वे बिना किसी शक के इस जाल में फंस जातीं।
पीड़ितों की आवाज़ें
इन फाइलों में दर्ज कथाएं दिल दहला देने वाली हैं। जेफरी एपस्टीन का शोषण चक्र न केवल यौन शोषण तक सीमित था, बल्कि उसने अपनी व्यवस्था में सुधार करने के लिए एक आर्थिक और मानसिक दबाव का जाल बुन लिया था। एपस्टीन हर लड़की को 300 अमेरिकी डॉलर का भुगतान करता था, अगर वह किसी अन्य लड़की को लाती, तो उसे अलग से भुगतान मिलता था। इससे एक ऐसा नेटवर्क बन गया था, जो अपनी लत और निर्भरता से जुड़ा हुआ था, जिससे भागना लगभग नामुमकिन था।




