UP Kiran,Digital Desk: राजपुर रोड, देहरादून के पॉश इलाके में शुक्रवार सुबह हुई एक और हत्या ने शहर को हिलाकर रख दिया। विक्रम शर्मा की हत्या ने एक बार फिर से दून में बढ़ते अपराधों की चिता को उजागर किया है। महज 11 दिनों में यह तीसरी बड़ी घटना है, और हर बार यह अपराध का तरीका वही होता है—दिनदहाड़े गोलियों का चलना। इस बार भी शहर में हलचल मच गई, और सवाल उठने लगे कि आखिर इस शांतिपूर्ण शहर में यह सब क्यों हो रहा है?
शहरवासी डरे हुए हैं: सुरक्षा पर उठे सवाल
यहां के लोग अपने शहर में लगातार हो रही हत्याओं से गहरे आहत हैं। दून में पहले कभी ऐसी घटनाएं नहीं सुनी जाती थीं। एक समय था जब यह शहर अपनी शांतिपूर्ण और सुरक्षित छवि के लिए जाना जाता था। लेकिन अब यह शहर खुद को सुरक्षा की जरूरत महसूस कर रहा है। विक्रम शर्मा की हत्या के बाद से सोशल मीडिया पर लोगों के द्वारा किए गए पोस्ट्स ने भी चिंता को और बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या अपराधियों को बेखौफ और निडर बनने की छूट दी जा रही है?
शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाए। लोगों का मानना है कि अगर यही स्थिति रही तो शहर का सुरक्षा माहौल और अधिक बिगड़ सकता है। अब यह सिर्फ एक हत्याकांड नहीं बल्कि एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, जो दून की शांति को खतरे में डाल सकता है।
व्यापारी वर्ग पर भी असर: बाजारों में सूनापन
जहां एक ओर शहरवासी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, वहीं व्यापारियों के लिए यह एक और चिंता का कारण बन चुका है। हत्याकांड के बाद से बाजारों में सूनापन फैल गया है। पलटन बाजार, मच्छी बाजार और तिब्बती मार्केट में ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। व्यापारियों का कहना है कि लोग अब बाजारों में आने से डर रहे हैं, और जो आ भी रहे हैं, वे खरीदारी के लिए नहीं, बल्कि घटनास्थल का मुआयना करने के लिए आ रहे हैं।
तिब्बती मार्केट के एक व्यापारी ने बताया कि अब लोग हादसों के बाद ज्यादा इस क्षेत्र में इधर-उधर घूमने आते हैं। इससे न केवल दुकानों की बिक्री प्रभावित हुई है, बल्कि बाजार में सुरक्षा का माहौल भी खराब हुआ है। ग्राहकों का डर साफ तौर पर व्यापारियों के कारोबार पर असर डाल रहा है। जार्डन नामक एक व्यापारी ने भी चिंता जताई कि हत्या के बाद से व्यापार में लगातार गिरावट आ रही है।




