Up kiran,Digital Desk : दिल्ली सरकार ने एक परामर्श एजेंसी पर दो साल का प्रतिबंध और 50.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई तब की गई जब फर्म की लापरवाही के कारण शालीमार बाग अस्पताल, किराड़ी अस्पताल, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय और जीटीबी अस्पताल में आईसीयू परियोजनाओं का काम प्रभावित हुआ।
परामर्श एजेंसी की जिम्मेदारियां
पीडब्ल्यूडी ने इस फर्म को इन अस्पतालों में आईसीयू से जुड़ी परियोजनाओं के लिए समग्र परामर्श का जिम्मा सौंपा था। इसमें शामिल थे:
योजना और डिजाइन तैयार करना
ड्राइंग तैयार करना
लागत का आकलन
वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करना
निर्माण पर पर्यवेक्षण करना
लापरवाही का असर
फर्म ने तय समयसीमा के भीतर जरूरी ड्राइंग, डिजाइन और वैधानिक दस्तावेज जमा नहीं किए। विभागीय आदेश के अनुसार, संरचनात्मक डिजाइन से जुड़े अहम दस्तावेज जैसे:
डिजाइन कैलकुलेशन
डीबीआर (डिज़ाइन बेसिस रिपोर्ट)
स्ट्रक्चरल मॉडल
लोड कैलकुलेशन
इन दस्तावेजों की कई बार मांग करने के बावजूद एजेंसी ने उपलब्ध नहीं कराए।
परिणाम और नुकसान
निर्माण एजेंसियां आगे का काम शुरू नहीं कर सकीं
परियोजना की समय सारिणी प्रभावित हुई
सरकारी वित्तीय हितों को नुकसान पहुँचा
आईसीयू सुविधाओं के विस्तार में देरी से अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं




