Up Kiran,Digital Desk: पंजाब के प्रमुख शहर अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 5 फरवरी की रात एक ड्रोन देखे जाने से हड़कंप मच गया। यह घटना रात 8:40 बजे हुई, जिसके बाद एयरपोर्ट को एक घंटे तक बंद करना पड़ा। जैसे ही ड्रोन की गतिविधि का पता चला, सीआईएसएफ और पंजाब पुलिस की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं और हवाई अड्डे की सुरक्षा जांच शुरू कर दी। इस दौरान हवाई अड्डे को सैनिटाइज किया गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया। हवाई अड्डे के आसपास ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध के बावजूद इस तरह की घटनाओं ने सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
उड़ानों में देरी और डायवर्जन
एयरपोर्ट निदेशक भूपेंद्र सिंह ने ड्रोन गतिविधि की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षा उपायों के तहत दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को डायवर्ट किया गया। शारजाह से आने वाली फ्लाइट को चंडीगढ़ की ओर मोड़ा गया, वहीं कुआलालंपुर से आने वाली फ्लाइट को दिल्ली में उतारना पड़ा। इस घटनाक्रम के कारण कुछ अन्य उड़ानों में भी देरी हुई। हालांकि, रात 9:41 बजे परिचालन फिर से सामान्य हुआ और दोनों उड़ानों को सुरक्षित रूप से उतारने की अनुमति मिल गई। यह घटनाक्रम अमृतसर के राजासांसी पुलिस थाना क्षेत्र में हुआ था, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक स्थित है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अमृतसर पुलिस को जांच का जिम्मा सौंपा है।
अमृतसर की पाकिस्तान सीमा से नजदीकी इसे ड्रोन गतिविधियों और घुसपैठ के लिए संवेदनशील बनाती है। इससे पहले भी अगस्त 2024 में तीन ड्रोन जैसी वस्तुओं को देखे जाने के बाद एयरपोर्ट का परिचालन तीन घंटे तक रोकना पड़ा था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने अमृतसर को निशाना बनाकर सैकड़ों ड्रोन भेजने की कोशिश की थी, हालांकि भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने उसे नाकाम कर दिया था। इस तरह की घटनाओं से सुरक्षा अधिकारियों की चिंता और बढ़ गई है और इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।




