Up Kiran, Digital Desk: मंगलवार की सुबह उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में एक अप्रत्याशित घटना ने लोगों में डर और हलचल मचा दी। जब लोग सुबह के अपने सामान्य कार्यों में व्यस्त थे, बागेश्वर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, इस दौरान राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार के बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली।
भूकंप की तीव्रता और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह भूकंप निम्नलिखित मानकों पर आधारित था:
तीव्रता: रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई।
समय: भूकंप सुबह 7:25 बजे आया।
गहराई: भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर गहरा था।
पड़ोसी देशों में भी महसूस हुए भूकंप के झटके
इस भूकंप के दौरान, न केवल भारत बल्कि उसके पड़ोसी देशों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
पाकिस्तान: सोमवार शाम को यहां 4.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 90 किलोमीटर थी।
अफगानिस्तान: सोमवार सुबह 8:48 बजे 4.2 तीव्रता के झटके महसूस किए गए, इसका केंद्र जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
भूकंप क्यों आते हैं? जानें इसका विज्ञान
भूकंप आने के कारण को समझने के लिए वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी की आंतरिक हलचल ही इसका मुख्य कारण है।
टेक्टोनिक प्लेट्स: पृथ्वी की सतह के नीचे सात प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटें मौजूद हैं, जो बहुत धीमी गति से गति करती रहती हैं।
घर्षण और फॉल्ट लाइन: जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे पर चढ़ जाती हैं तो बड़ी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है।
भूकंप के झटके: यह संचित ऊर्जा जब बाहर निकलने की कोशिश करती है, तो धरती की सतह पर कंपन होता है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।




