Up kiran,Digital Desk : पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले निर्वाचन आयोग ने सूबे की कानून व्यवस्था और चुनावी निष्पक्षता को लेकर अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है। राज्य में हिंसा और डर के माहौल को खत्म करने के लिए आयोग ने पहले चरण वाले इलाकों के 8000 पोलिंग बूथ को 'सुपर सेंसेटिव' (अति संवेदनशील) घोषित किया है। इसके साथ ही, चुनाव में खलल डालने की आशंका वाले 135 दबंगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि बंगाल में इस बार भयमुक्त और पारदर्शी चुनाव कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दबंगों पर शिकंजा: मुर्शिदाबाद से लेकर 24 परगना तक एक्शन
चुनाव आयोग के निर्देश पर पुलिस ने उन अराजक तत्वों की सूची तैयार की थी, जिनका हिंसा या बूथ कैप्चरिंग का पुराना इतिहास रहा है। इसी कड़ी में मुर्शिदाबाद, मालदा, बलूरघाट और उत्तर व दक्षिण 24 परगना जैसे इलाकों से 135 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने तक इन दबंगों को हिरासत में ही रखा जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि आयोग की सख्ती देख कई प्रभावशाली लोगों ने नोटिस मिलते ही खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है।
संवेदनशील बूथों पर थ्री-टियर सुरक्षा और AI का पहरा
चुनाव आयोग इस बार बंगाल में सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े पैमाने पर सहारा ले रहा है।
AI कंट्रोल सेंटर: राज्य और जिला स्तर पर एक हाई-टेक कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया गया है।
रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: बूथ के अंदर या बाहर किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भीड़ जुटने की स्थिति में AI सिस्टम तुरंत संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेजेगा।
थ्री-टियर सिस्टम: निगरानी के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर राज्य मुख्यालय तक त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
भबानीपुर समेत 55 सीटें 'खर्च संवेदनशील' घोषित
सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि धनबल के प्रयोग को रोकने के लिए भी आयोग अलर्ट है। राज्य की 55 विधानसभा सीटों को 'खर्च के लिहाज से संवेदनशील' माना गया है। इस सूची में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट भबानीपुर भी शामिल है, जहां उनका मुकाबला भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से है। इन सीटों पर हर चुनावी खर्च की बारीकी से निगरानी की जा रही है। डीएम और एसपी खुद इलाकों का दौरा कर रहे हैं ताकि मतदाताओं के मन से डर निकाला जा सके और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित किया जा सके।




