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Up Kiran, Digital Desk: टेक की दुनिया में इस वक्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बादशाहत कायम करने की होड़ मची हुई है। Microsoft (ChatGPT के साथ) और Google अपने AI टूल्स से पहले ही धूम मचा चुके हैं, लेकिन अब इस रेस में दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी Apple भी धमाकेदार एंट्री करने की तैयारी में है।

खबरों के मुताबिक, Apple AI की दुनिया की दो सबसे चर्चित और इनोवेटिव स्टार्टअप्स, मिस्ट्रल एआई (Mistral AI) और परप्लेक्सिटी (Perplexity) को खरीदने पर विचार कर रहा है। अगर यह डील पक्की हो जाती है, तो यह टेक्नोलॉजी की दुनिया में अब तक के सबसे बड़े बदलावों में से एक हो सकता है।

कौन हैं ये दो कंपनियां जो Apple की पसंद बनी हैं?

मिस्ट्रल एआई (Mistral AI): पेरिस, फ्रांस की यह कंपनी यूरोप का 'ChatGPT' मानी जाती है। यह OpenAI को सीधी टक्कर दे रही है और बहुत कम समय में इसने अपने पावरफुल AI मॉडल्स से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह कंपनी जेनरेटिव AI टेक्नोलॉजी में माहिर है।

परप्लेक्सिटी (Perplexity): सिलिकॉन वैली का यह स्टार्टअप अपने AI-पावर्ड सर्च इंजन के लिए जाना जाता है, जिसे 'Google का भविष्य' कहा जा रहा है। जब आप परप्लेक्सिटी पर कुछ सर्च करते हैं, तो यह गूगल की तरह सिर्फ लिंक नहीं देता, बल्कि सीधे और सटीक जवाब देता है।

Apple को इनकी जरूरत क्यों पड़ी?

भले ही Apple दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी हो, लेकिन जेनरेटिव AI की रेस में वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से थोड़ा पीछे रह गई है। Apple का वॉयस असिस्टेंट 'सिरी' (Siri) गूगल असिस्टेंट और ChatGPT की तुलना में उतना स्मार्ट नहीं माना जाता।

इन कंपनियों को खरीदकर Apple को दो बड़े फायदे होंगे:

बेस्ट टेक्नोलॉजी: उन्हें मिस्ट्रल और परप्लेक्सिटी की बनी-बनाई और एडवांस AI टेक्नोलॉजी मिल जाएगी।

शानदार टीम: इन कंपनियों में काम करने वाले दुनिया के कुछ सबसे बेहतरीन AI एक्सपर्ट्स भी Apple का हिस्सा बन जाएंगे।

इस अधिग्रहण के बाद, Apple अपनी AI क्षमताओं को सीधे अपने प्रोडक्ट्स जैसे iPhone, iPad और Mac में इंटीग्रेट कर पाएगा। कल्पना कीजिए कि भविष्य में 'सिरी' कितना ज्यादा स्मार्ट और उपयोगी हो सकता है, या आपके आईफोन में ही एक सुपर-इंटेलिजेंट सर्च इंजन हो!

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