img

Up kiran,Digital Desk : तेजपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों और प्रशासन के बीच चल रहा तनाव अब भी जारी है। पिछले 85 दिनों से कुलपति (VC) शंभू नाथ सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आखिरकार फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाओं में बैठने का फैसला तो कर लिया है, लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने एक्टिंग कुलपति धुरबा कुमार भट्टाचार्य की अपील का सम्मान करते हुए परीक्षाओं में शामिल होने का फैसला किया है। परीक्षाएं गुरुवार से शुरू हो चुकी हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई-लिखाई और दूसरी सभी गतिविधियां पूरी तरह से बंद रहेंगी। छात्रों ने चेतावनी दी है कि परीक्षाएं खत्म होते ही वे अपना आंदोलन और भी तेज कर देंगे। इस बार कैंपस में मौजूद बैंक, एटीएम और पोस्ट ऑफिस जैसी जरूरी सुविधाओं को भी बंद करने की बात कही जा रही है।

सरकार की चुप्पी से बढ़ी नाराज़गी

छात्रों का गुस्सा सिर्फ कुलपति के खिलाफ ही नहीं, बल्कि शिक्षा मंत्रालय के रवैये को लेकर भी है। छात्रों का संयुक्त मंच (TUFF) इस बात से बेहद निराश है कि लगभग तीन महीने होने को आए, लेकिन मंत्रालय की तरफ से इस मामले में कोई ठोस जवाब नहीं आया है। TUFF का कहना है कि उन्हें अनौपचारिक तौर पर जांच का भरोसा तो दिया गया है, लेकिन कोई आधिकारिक चिट्ठी या निर्देश जारी नहीं किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

तेजपुर यूनिवर्सिटी में यह विवाद सितंबर के महीने से ही चल रहा है। छात्र, कुलपति शंभू नाथ सिंह पर वित्तीय अनियमितताओं और कैंपस में बड़े पैमाने पर पेड़ कटवाने जैसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इसके अलावा, छात्रों का यह भी आरोप है कि कुलपति का व्यवहार ठीक नहीं है और वे यूनिवर्सिटी को अपने मनमाने ढंग से चला रहे हैं।

अपनी मांगों को लेकर छात्र, शिक्षक और यूनिवर्सिटी के दूसरे कर्मचारी एक साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक केंद्र सरकार कुलपति को हटाने और उनके खिलाफ जांच शुरू करने का आधिकारिक आदेश जारी नहीं करती, तब तक यूनिवर्सिटी में कामकाज ठप रहेगा।

ख़ास बातें:

  • कुलपति के खिलाफ 85 दिनों से चल रहा है छात्रों का प्रदर्शन।
  • वित्तीय गड़बड़ी और पेड़ों की कटाई जैसे गंभीर आरोप।
  • छात्रों ने परीक्षाओं में बैठने का फैसला किया, लेकिन आंदोलन जारी रखने की बात कही।