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Up kiran,Digital Desk : उत्तराखंड के देहरादून में अंकिता भंडारी हत्याकांड के कथित VIP व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह FIR पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसे देहरादून पुलिस महानिदेशक को भेजा गया था। 

इस मामले के तहत देहरादून के वसंत विहार थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस ने अब आगे की जांच आगे बढ़ा दी है। इस कदम के बाद मामले पर सियासी तथा सामाजिक दबाव और तेज़ हो गया है। 

संवेदनशीलता और CBI जांच की मांग:
अंकिता भंडारी हत्या प्रकरण, जो कि 2022 में रिषिकेश के पास एक रिसॉर्ट में हुई थी, शुरुआत से ही विवादों और सवालों के घेरे में रहा है। इस वारदात में आरोपियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई जा चुकी है, लेकिन ‘VIP एंगल’ पर चर्चा और जांच की मांग समय‑समय पर उठती रही है। हाल ही में सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश भी की है ताकि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो सके।

परिवार और कई सामाजिक समूहों की मांग है कि CBI जांच विशेष रूप से VIP संबंधी आरोपों पर केंद्रित रहे, ताकि पूरी सच्चाई सामने आए और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ भी उचित कार्रवाई हो।

पानी की तरह बह रही प्रतिक्रिया:

मामले ने राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया को जन्म दिया है, जिसमें न्याय प्रणाली की निष्पक्षता पर प्रश्न उठ रहे हैं। 

कुछ वर्गों का कहना है कि जहाँ तक मुकदमा दायर किया गया है, वह एक महत्वपूर्ण कदम है ताकि जनता का विश्वास बहाल हो।

अब देखना बाकी है कि अगले जांच चरणों में क्या खुलासे होते हैं और न्यायालय या सीबीआई आगे क्या निष्कर्ष निकालती है।