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Up Kiran, Digital Desk: कान का दर्द किसी भी उम्र के व्यक्ति को परेशान कर सकता है। बच्चों से लेकर वृद्धों तक, यह दर्द कभी हल्का तो कभी गंभीर हो सकता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे ठंडी हवा लगना, कान में मैल का जमा होना, इंफेक्शन या सर्दी-जुकाम। अच्छी बात यह है कि हल्के कान दर्द को घर पर अपनाए गए घरेलू उपायों से आसानी से ठीक किया जा सकता है। आइए जानते हैं उन आसान और असरदार उपायों के बारे में जो आपको कान के दर्द से राहत दिला सकते हैं।

घरेलू तेलों का असरदार उपयोग

गुनगुना सरसों या तिल का तेल

सरसों और तिल का तेल कान के दर्द में एक पुराना और प्रभावी उपाय माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण संक्रमण को कम करने के साथ-साथ सूजन और दर्द में भी राहत देते हैं।
कैसे करें: तेल को हल्का गुनगुना करें और इसे दर्द वाले कान में 2-3 बूंद डालें। फिर 5 मिनट के बाद कान को हल्के कॉटन से ढक लें।

लहसुन का तेल

लहसुन में प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो कान के दर्द और सूजन में बहुत प्रभावी होते हैं। यह संक्रमण से निपटने में भी मदद करता है।
कैसे करें: 2-3 लहसुन की कलियों को सरसों के तेल में गर्म करें, फिर छानकर कान में 1-2 बूंद डालें।

दर्द से राहत के लिए गर्म सेंक

गर्म सेंक एक सरल और प्रभावी उपाय है जो कान के दर्द में तुरंत राहत प्रदान करता है। गर्मी से रक्त संचार में सुधार होता है, जिससे सूजन और दर्द में कमी आती है।
कैसे करें: एक गर्म पानी की बोतल या गर्म कपड़े को कान के पास रखें और 2-3 बार इसे दिन में दोहराएं।

प्याज का रस: एक और प्राकृतिक उपचार

प्याज के रस में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो कान की सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। यह प्राकृतिक उपचार संक्रमण से बचाव भी करता है।
कैसे करें: प्याज का रस हल्का गर्म करके 1-2 बूंद कान में डालें। यह दर्द और सूजन दोनों में राहत देगा।

अजवाइन की पोटली

अजवाइन की पोटली कान के दर्द में राहत देने वाला एक घरेलू उपाय है। इसकी गर्म तासीर सूजन और दर्द को कम करने में मदद करती है।
कैसे करें: अजवाइन को तवे पर हल्का भूनकर कपड़े में बांध लें और इसे कान के पास सेक करें।

भाप से पाएं राहत

अगर कान का दर्द सर्दी-जुकाम या साइनस की वजह से है, तो भाप लेना एक बेहतरीन उपाय साबित हो सकता है। भाप लेने से नाक और कान के रास्ते खुल जाते हैं, जिससे दर्द और जकड़न में कमी आती है।
कैसे करें: गर्म पानी में अजवाइन या नीलगिरी के तेल की कुछ बूंंद डालकर भाप लें।

कान दर्द होने पर क्या न करें?

कान के दर्द को गंभीर बनाने से बचने के लिए कुछ बातें ध्यान में रखें:

कान में कभी भी कोई नुकीली चीज न डालें।

बहुत ज्यादा तेल न डालें।

अगर कान से पानी या पस निकलता है, तो घरेलू उपाय न करें।

कब डॉक्टर से मिलें?

अगर कान का दर्द लंबे समय तक चले या इन लक्षणों में से कोई हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें:

दर्द 2-3 दिन से ज्यादा रहे।

कान से मवाद या खून निकले।

सुनने में समस्या हो।

तेज बुखार या चक्कर आए।

कान के हल्के दर्द को घरेलू उपायों से ठीक किया जा सकता है, लेकिन अगर समस्या गंभीर हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है। सही समय पर इलाज करने से कान की सेहत को बनाए रखना संभव है।