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Up Kiran, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट में सीमित ओवरों के कप्तान शुभमन गिल के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में गोवा के खिलाफ पंजाब की तरफ से खेलते हुए गिल एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। इस मैच में गिल केवल 11 रन ही बना सके और 12 गेंदों में आउट हो गए।

शुभमन गिल का बल्लेबाजी प्रदर्शन

जयपुर में खेले गए इस मैच में पंजाब को गोवा द्वारा दिए गए 212 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए गिल से उम्मीदें काफी ज्यादा थीं। शुरुआत में उन्होंने एक-एक चौका अर्जुन तेंदुलकर और वासुकी कौशिक के खिलाफ जरूर मारा, लेकिन जल्द ही वह आउट हो गए। गोवा के गेंदबाज वासुकी कौशिक ने गिल को 11 रन पर पवेलियन भेज दिया। यह मैच गिल के लिए खास था क्योंकि यह उनका पहला प्रतिस्पर्धी मैच था, जो उन्होंने 2026 के T20 वर्ल्ड कप के लिए टीम से बाहर होने के बाद खेला।

सफेद गेंद क्रिकेट में गिल का संघर्ष

गिल के सफेद गेंद क्रिकेट में पिछले कुछ महीनों से खराब प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। उन्हें 10 महीने से अधिक का समय हो गया है, जब उन्होंने आखिरी बार अर्धशतक लगाया था। इसके बाद उन्होंने 7 वनडे, 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों और विजय हजारे ट्रॉफी का एक मुकाबला खेला है, लेकिन किसी भी मैच में वह अपनी छाप नहीं छोड़ पाए।

टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन

हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में गिल का प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है। 2025 में खेले गए टेस्ट मैचों में वह भारतीय टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, भले ही वह चोट के कारण गुवाहाटी और ईडन गार्डन्स टेस्ट में भाग नहीं ले पाए। गिल की टेस्ट क्रिकेट में स्थिरता उनकी फॉर्म के बारे में कुछ सकारात्मक संकेत देती है।

मुकाबले में असर डालने वाला कोहरा

जयपुर में गोवा और पंजाब के बीच खेले गए मैच को घने कोहरे की वजह से काफी देर से शुरू किया गया। इसके कारण मैच को 40 ओवर प्रति पारी तक सीमित किया गया। टॉस जीतकर पंजाब के कप्तान प्रभसिमरन सिंह ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। गोवा की शुरुआत खराब रही और टीम ने 67 रन पर तीन विकेट गंवा दिए, लेकिन फिर सुयश प्रभुदेसाई और ललित यादव की अर्धशतकीय पारियों ने गोवा को वापसी दिलाई।

गोवा की टीम 33.3 ओवरों में 211 रन पर आउट हो गई, इसके पीछे पंजाब के स्पिनर मयंक मार्कंडे का शानदार प्रदर्शन था, जिन्होंने चार विकेट लेकर गोवा की मुश्किलें बढ़ा दीं।