Up Kiran, Digital Desk: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग का इंतजार अब और भी बढ़ने वाला है। हालांकि इस आयोग के लागू होने में अभी समय है, इसके प्रभावों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। अनुमान है कि यह वेतन आयोग 2026 से प्रभावी हो सकता है, लेकिन इसकी सिफारिशें 2028 तक लागू हो सकती हैं। ऐसे में कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि नए वेतन आयोग से उनकी मासिक आय में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है।
नए वेतन आयोग से क्या बदलाव आ सकते हैं?
वेतन आयोग की रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद उनकी ग्रॉस सैलरी ₹45,241 प्रति माह तक पहुँच सकती है। इसका मतलब यह है कि उनकी सैलरी में लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हो सकती है, जो कि एक बड़ी राहत होगी।
फिटमेंट फैक्टर: वेतन वृद्धि की मुख्य कुंजी
वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर की अहम भूमिका होती है। 7वें वेतन आयोग में इसका मान 2.57 था, जबकि 8वें आयोग में इसका अनुमानित मान 1.92 हो सकता है। यदि यह फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो ₹18,000 की बेसिक सैलरी बढ़कर ₹34,560 हो सकती है, जिससे नए वेतन की गणना शुरू होगी।
HRA में होगी जबरदस्त वृद्धि
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी का अहम हिस्सा होता है और यह उनके कार्यस्थल के शहर पर निर्भर करता है। मेट्रो शहरों में कार्यरत कर्मचारियों को बेसिक सैलरी का 27% HRA मिलता है। अगर नई बेसिक ₹34,560 हो जाती है, तो HRA ₹9,331 तक पहुँच सकता है, जो वर्तमान समय की तुलना में अधिक होगा।
TA में स्थिरता की संभावना
हालांकि ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं जताई जा रही है। बड़े और मेट्रो शहरों में काम करने वाले कर्मचारियों को औसतन ₹1,350 तक का TA मिलता रहेगा।
DA की स्थिति: शुरुआत शून्य से होगी
हर नए वेतन आयोग के लागू होने के साथ महंगाई भत्ता (DA) शून्य से शुरू होता है। इसके बाद हर छह महीने में महंगाई दर के आधार पर इसमें वृद्धि की जाती है। इस कारण से शुरुआती वेतन वृद्धि में DA को शामिल नहीं किया गया है, लेकिन यह बाद में बढ़ सकता है।
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