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Up Kiran, Digital Desk: कहते हैं कि भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट मैच सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जज़्बातों और दबाव की एक जंग होता है। इस जंग में खिलाड़ी अक्सर जोश में होश खो बैठते हैं और कुछ ऐसा कर जाते हैं जो खेल की मर्यादा के खिलाफ होता है। एशिया कप के महामुकाबले में पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ हारिस रऊफ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, और अब यह मामला ICC की चौखट तक पहुँच गया है।

आखिर मैदान पर हुआ क्या था?

भारत के खिलाफ हुए उस हाई-वोल्टेज मैच में हारिस रऊफ अपनी आग उगलती गेंदों से तो कहर बरपा ही रहे थे, लेकिन उनका जोश उस वक्त हद से ज़्यादा बढ़ गया, जब उन्होंने एक भारतीय बल्लेबाज़ को आउट किया। पवेलियन का रास्ता दिखाने के दौरान उनका जश्न और उनके शब्द ज़रूरत से ज़्यादा आक्रामक और बल्लेबाज़ को उकसाने वाले थे।

मैदान पर हुई यह हरकत भले ही कुछ पलों की रही हो, लेकिन यह मैच रेफरी और कैमरों की नज़रों से बच नहीं सकी। इसे ICC की आचार संहिता (Code of Conduct) का सीधा-सीधा उल्लंघन माना गया।

अब कहानी में मोड़ यह है:मामला इतना बढ़ गया कि ICC को इस पर संज्ञान लेना पड़ा। ख़बरों के मुताबिक, हारिस रऊफ की ICC के सामने सुनवाई (Hearing) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने अपना पक्ष रख दिया है, और अब गेंद पूरी तरह से ICC के पाले में है।

क्या सज़ा मिल सकती है हारिस रऊफ को?

ICC इस तरह के मामलों को बहुत गंभीरता से लेता है, क्योंकि यह 'खेल भावना' (Spirit of the Game) के खिलाफ होता है। सूत्रों की मानें तो रऊफ पर कार्रवाई होना लगभग तय है। उन्हें इनमें से कोई एक या एक से ज़्यादा सज़ा मिल सकती है:

मैच फीस का जुर्माना: उन पर उनकी मैच फीस का एक बड़ा हिस्सा जुर्माने के तौर पर लगाया जा सकता है।

डिमेरिट अंक (Demerit Points): उनके खाते में डिमेरिट अंक जोड़े जा सकते हैं। अगर ये अंक एक निश्चित सीमा तक पहुँच जाते हैं, तो खिलाड़ी पर अपने-आप कुछ मैचों का बैन लग जाता है।

मैच का बैन: अगर ICC उनके किए को ज़्यादा गंभीर अपराध मानता है, तो उन पर एक या दो मैचों का सीधा प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है, जो पाकिस्तानी टीम के लिए एक बहुत बड़ा झटका होगा।

क्रिकेट में आक्रामकता ज़रूरी है, लेकिन एक अदृश्य रेखा होती है जिसे पार करने की इजाज़त किसी को नहीं होती। अब पूरी दुनिया इस बात का इंतज़ार कर रही  कि ICC हारिस रऊफ को इस रेखा को लांघने की क्या सज़ा सुनाता ,