Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें एक मेहनती मजदूर को अपनी बकाया मजदूरी मांगने के कारण जान से हाथ धोना पड़ा। ठेकेदार भाइयों ने उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की और आरोपियों को हिरासत में लिया।
यह मामला मऊआइमा थाना क्षेत्र के मझिगवां मजरा जोगीपुर गांव का है, जहां 45 वर्षीय राम कैलाश नामक मजदूर को उसके साथ काम करने वाले ठेकेदार रोहित और उसके भाई मोहित ने मौत के घाट उतार दिया। तीन माह पहले महाराष्ट्र के नागपुर में पेंटिंग के काम के दौरान राम कैलाश ने छह हजार रुपये का बकाया मजदूरी शेष छोड़ दिया था।
28 मई को राम कैलाश की बेटी की शादी थी, जिसके लिए वह घर लौटा था। शादी के बाद भी पैसे का कोई अता-पता नहीं था, जबकि ठेकेदार ने उसे वादा किया था कि शादी के वक्त बकाया मजदूरी दे दी जाएगी। जब तीन दिन पहले रोहित गांव आया, तो राम कैलाश ने एक बार फिर अपनी मेहनत की कमाई की मांग की। इस पर गुस्साए ठेकेदार ने अपने भाई के साथ मिलकर राम कैलाश पर हमला कर दिया।
घटना के दिन सोमवार को, जब राम कैलाश ने ठेकेदार से पैसे की मांग की, तो दोनों भाइयों ने न केवल गाली-गलौच की, बल्कि लाठी-डंडों से उसकी पिटाई भी शुरू कर दी। राम कैलाश घर के भीतर जाकर बचने की कोशिश करता है, लेकिन दोनों आरोपियों ने उसे बाहर खींच लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
जब तक गांव के लोग शोर सुनकर पहुंचे, आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस को सूचना मिलने के बाद एडिशनल डीसीपी पुष्कर वर्मा और एसीपी फूलपुर पंकज लवानिया पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
परिवार में मचा कोहराम, सख्त कार्रवाई का भरोसा
राम कैलाश के परिवार में इस हत्याकांड को लेकर गहरा शोक है। वह घर का सबसे बड़ा बेटा था और अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए मजदूरी करता था। मृतक की पत्नी इसरावती देवी, माता ननकी देवी और पिता छोटे लाल का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। राम कैलाश के तीन बेटे और तीन बेटियां थीं, जिनमें से एक बेटी की शादी हाल ही में 28 मई को हुई थी।
परिजनों के अनुसार, राम कैलाश का कोई दोष नहीं था। वह सिर्फ अपनी मेहनत की कमाई मांग रहा था, लेकिन इसके बदले उसे जान गंवानी पड़ी। इस घटना से गांव में आक्रोश फैल गया, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है, जिससे ग्रामीण शांत हुए।




