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Up Kiran, Digital Desk: भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक बेहद गंभीर और सख्त चेतावनी जारी की है. सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि कोई भी भारतीय नागरिक रूस और यूक्रेन के बीच चल रही लड़ाई में शामिल होने के लिए रूसी सेना में भर्ती न हो. विदेश मंत्रालय ने इसे "खतरों से भरा और जानलेवा रास्ता" बताया है.

क्यों जारी करनी पड़ी यह चेतावनी?

दरअसल, पिछले कुछ समय से ऐसी कई दुखद घटनाएं सामने आई हैं, जहां भारतीय नागरिकों को धोखेबाज एजेंटों ने रूस में "सेना के सुरक्षा सहायक" (army security helpers) जैसी नौकरियों का झांसा दिया, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें जबरदस्ती यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए मोर्चे पर भेज दिया गया. इस खूनी संघर्ष में कई भारतीयों की मौत भी हो चुकी है.

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम एक बार फिर सभी भारतीय नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे इस संघर्ष में शामिल होने से खुद को दूर रखें. यह रास्ता खतरों से भरा है."

सरकार ने यह भी साफ किया है कि वह पहले से ही वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए रूसी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव कोशिश कर रही है. इसके साथ ही, भारत में उन धोखेबाज एजेंटों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है जो भारतीय युवाओं को झूठ बोलकर मौत के मुंह में धकेल रहे हैं.

सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की बेहद सतर्क रहें और किसी भी देश में नौकरी के ऑफर की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल करने के बाद ही कोई कदम उठाएं.