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Up Kiran,Digital Desk: आज के दौर में ड्रोन ने युद्ध की धार को पूरी तरह से बदल दिया है। पहले जहां सैनिकों की शारीरिक उपस्थिति और शस्त्रों का महत्व था, वहीं अब ये बिना किसी मानव जीवन को जोखिम में डाले दुश्मन के इलाकों में गहरी घुसपैठ कर सकते हैं। तकनीकी विकास ने युद्ध के तरीकों को पूरी तरह से नया रूप दिया है, और अब सैन्य ड्रोन युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं। यहां हम जानते हैं दुनिया के 5 सबसे ताकतवर सैन्य ड्रोन के बारे में, जिनमें से एक भारत की सेनाओं में भी मौजूद है।

1. MQ-9 रीपर (अमेरिका/भारत)

अमेरिका का MQ-9 रीपर ड्रोन सैन्य दुनिया में अपनी शक्ति के लिए सबसे प्रसिद्ध है। यह ड्रोन 1700 किलोग्राम तक का पेलोड वहन कर सकता है, जिसमें आधुनिक हथियार जैसे हेलफायर मिसाइल, JDAM और GBU-12 बम शामिल हैं। इसके पास 27 घंटे तक उड़ने की क्षमता है और इसकी रेंज 1,000 समुद्री मील से भी अधिक है। यह ड्रोन न केवल अमेरिका बल्कि कई अन्य देशों द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें भारत भी शामिल है।

2. बेराकटार TB2 (तुर्की)

तुर्की का बेराकटार TB2 ड्रोन अपनी किफायती कीमत और तेज तैनाती की क्षमता के लिए जाना जाता है। यह ड्रोन 150 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है, जिसमें MAM-L और MAM-C जैसे निर्देशित हथियार होते हैं। इसकी प्रमुखता सिर्फ इसके हमले की क्षमता तक ही सीमित नहीं है; यह खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और निगरानी मिशन को भी अंजाम दे सकता है। इसे सीरिया, लीबिया, नागोर्नो-कराबाख और हाल ही में यूक्रेन में युद्ध क्षेत्रों में उपयोग किया गया है।

3. TAI अंका (तुर्की)

TAI अंका ड्रोन अपने अग्रणी भाई TB2 से अधिक सक्षम है। यह 359 किलोग्राम का पेलोड ले सकता है और लगातार 30 घंटे तक उड़ान भर सकता है। इसमें SAR (Synthetic Aperture Radar) और EO/IR (Electro-Optical/Infra-Red) जैसे टोही उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताएं भी हैं। यह ड्रोन तुर्की द्वारा सीरिया और लीबिया जैसे युद्ध क्षेत्रों में प्रयोग किया जा रहा है, जहां इसकी निगरानी और हमला करने की क्षमताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

4. CAIG विंग लूंग II (चीन)

चीन का CAIG विंग लूंग II, MQ-9 के मुकाबले एक अधिक किफायती विकल्प है। यह ड्रोन 480 किलोग्राम तक का पेलोड ले सकता है, जिसमें HJ-10 एंटी-टैंक मिसाइल और गाइडेड बम जैसे शक्तिशाली हथियार शामिल हैं। विंग लूंग II का 32 घंटे तक उड़ने का समय इसे खुफिया संचालन और रणनीतिक हमलों के लिए आदर्श बनाता है। सऊदी अरब, मिस्र, यूएई और पाकिस्तान जैसे देशों ने इसे अपनी सेनाओं में शामिल किया है।

5. क्रोनश्टैड ओरियन (रूस)

रूस का क्रोनश्टैड ओरियन ड्रोन अपनी तरह का पहला स्वदेशी विकसित मध्यम ऊंचाई वाला, लंबी उड़ान क्षमता वाला लड़ाकू ड्रोन है। यह 250 किलोग्राम का पेलोड ले सकता है, जिसमें KAB-20 और KAB-50 गाइडेड बम और Vikhr-1 एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल शामिल हैं। यह ड्रोन 24 घंटे तक उड़ने की क्षमता रखता है और रूस के युद्ध अभियानों में इसका उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है।