Up kiran,Digital Desk : पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ सीजफायर समझौता पूरी तरह धराशायी हो गया है। 23 अप्रैल की डेडलाइन से तीन दिन पहले ही ओमान सागर (Sea of Oman) धमाकों से दहल उठा है। ताजा खबरों के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी जहाज 'तूस्का' (Touska) को जब्त किए जाने के जवाब में ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर 'कामिकेज' ड्रोन (Suicide Drones) से हमला बोल दिया है। इस घटना ने इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता को लगभग खत्म कर दिया है और दुनिया अब एक पूर्ण विकसित परमाणु युद्ध (Full-scale War) की कगार पर खड़ी है।
जहाज के बदले ड्रोन अटैक: समंदर में 'खूनी' बदला
कल जब अमेरिकी डिस्ट्रॉयर USS स्प्रुअंस ने 900 फीट लंबे ईरानी जहाज तूस्का के इंजन रूम को तोपों से उड़ाकर उसे कब्जे में लिया, तभी तेहरान ने 'करारे जवाब' की कसम खाई थी।
ड्रोन हमला: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ओमान सागर में गश्त कर रहे अमेरिकी बेड़े पर कई ड्रोन दागे गए।
नुकसान का आंकलन: अभी तक अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि जहाजों को कितना भौतिक नुकसान पहुंचा है, लेकिन ट्रंप के तेवर बता रहे हैं कि अमेरिका अब चुप नहीं बैठेगा।
डोनाल्ड ट्रंप का 'डेडली' अल्टीमेटम: "उड़ा देंगे पावर प्लांट"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने लिखा:
"ईरान ने होर्मुज में गोली चलाकर सीजफायर का उल्लंघन किया है। उन्होंने फ्रांस और ब्रिटेन के जहाजों को भी निशाना बनाया। यह अच्छा नहीं हुआ। मेरी टीम इस्लामाबाद जा रही है, लेकिन अगर ईरान ने 'डील' साइन नहीं की, तो हम उनके सभी पावर प्लांट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट कर देंगे। इस 'मर्डर मशीनरी' को खत्म करने का समय आ गया है।"
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर 'पानी फिरा'
करीब 5 हफ्तों की भीषण जंग के बाद पाकिस्तान ने दोनों देशों को 23 अप्रैल तक शांत रहने के लिए मनाया था। लेकिन अब हालात नियंत्रण से बाहर हैं:
बातचीत का दूसरा दौर संकट में: ट्रंप की टीम (जेडी वेंस और जेरेड कुशनर) के पाकिस्तान पहुंचने से पहले ही ईरान ने वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है।
विश्वास का संकट: ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने नाकेबंदी कर सीजफायर तोड़ा, जबकि अमेरिका का कहना है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर हमले जारी रखे।
होर्मुज: क्यों कांप रही है दुनिया?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वह संकरा समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। अगर यह युद्ध में तब्दील होता है तो:
पेट्रोल-डीजल की कीमतें: वैश्विक स्तर पर तेल के दाम 150 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकते हैं।
सप्लाई चेन: भारत समेत कई देशों में गैस और तेल की भारी किल्लत हो सकती है।
नेवल ब्लॉकैड: अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, जिससे ईरान का दम घुट रहा है।
अंतिम फैसला 48 घंटे में: सीजफायर की औपचारिक अवधि 22 अप्रैल को खत्म हो रही है। यदि इस्लामाबाद में कोई चमत्कारिक कूटनीति काम नहीं आई, तो ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी वायुसेना ईरान के भीतर बड़े हमले शुरू कर सकती है।




