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Up Kiran,Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अब पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। पार्टी ने इस बार चुनावी रणनीति को पूरी तरह से नया रूप दिया है। अब यह चुनाव भाषणों से ज्यादा संगठन और बूथ प्रबंधन पर केंद्रित होगा। बीजेपी ने राज्य की 294 विधानसभा सीटों के लिए 294 विधानसभा प्रभारी नियुक्त कर अपनी नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

संगठनात्मक ताकत को प्राथमिकता

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल और राज्य प्रभारी मंगल पांडेय ने की। इस बैठक में पार्टी ने साफ कर दिया कि अब चुनावी युद्ध केवल भाषणों और जनसभाओं के दम पर नहीं लड़ा जाएगा। इसके बजाय, इस बार संगठनात्मक ताकत और बूथ मैनेजमेंट पर पूरा जोर दिया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि पार्टी की असली ताकत जमीनी स्तर पर होगी, और जीत की लड़ाई बूथ तक पहुंचने पर निर्भर करेगी।

बूथ से लेकर विधानसभा तक व्यापक नेटवर्क

बीजेपी ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए एक नई योजना बनाई है। इसके तहत, प्रत्येक बूथ पर 10 से 11 सदस्यीय समितियां गठित की जाएंगी, जिनकी जिम्मेदारी बूथ अध्यक्ष और प्रभारी के कंधों पर डाली जाएगी। इसके अलावा, पार्टी ने शक्ति केंद्र मॉडल को भी लागू किया है, जिसके तहत हर पंचायत क्षेत्र को एक शक्ति केंद्र के माध्यम से मैनेज किया जाएगा। शक्ति केंद्र प्रमुख और प्रभारी सीधे विधानसभा प्रभारी को रिपोर्ट करेंगे, ताकि चुनावी रणनीति में किसी भी तरह का अंतर न आए और संगठन की पूरी चेन मजबूत रहे।

उत्तर पश्चिम बंगाल पर खास ध्यान

बीजेपी ने उत्तर पश्चिम बंगाल को विशेष ध्यान देने के लिए अपनी ताकत झोंक दी है। बिहार से भेजे गए संगठन पदाधिकारियों को खासतौर पर इस क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। आसनसोल, दुर्गापुर और सिलीगुड़ी जैसे महत्वपूर्ण इलाके, जहां प्रवासी बिहारी मतदाता काफी संख्या में हैं, पर पार्टी की नजर है। इन क्षेत्रों में बीजेपी का लक्ष्य है कि वे 31 विधानसभा सीटों में से अधिकांश पर जीत हासिल करें।

मुद्दों पर बीजेपी की रणनीति

बीजेपी ने चुनावी मुद्दों को भी प्राथमिकता देनी शुरू कर दी है। पार्टी का मुख्य फोकस राज्य में विकास, अपराध मुक्त वातावरण, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर होगा। पार्टी की योजना है कि इन मुद्दों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए ताकि मतदाता तक सही जानकारी पहुंच सके और उनकी चिंता का समाधान हो सके।