Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में काशी के विकास पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद से इस धार्मिक स्थल ने देश की जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ रुपये का बड़ा योगदान किया है। उनका कहना था कि पिछले साल काशी में 11 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और इसके कारण शहर में एक नया विकास दौर शुरू हुआ है। काशी में न केवल धार्मिक पर्यटन बढ़ा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
काशी में बेहतर बुनियादी ढांचा और ट्रांसपोर्ट सुविधाएं
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि काशी की सड़कें अब फोर-लेन हाईवे से जुड़ी हुई हैं, जिससे यातायात में भी बहुत सुधार हुआ है। इसके साथ ही, काशी से देश के अन्य हिस्सों के लिए ट्रेन सेवाओं में भी इजाफा हुआ है। वंदे भारत, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों ने काशी को देशभर से जोड़ने का काम किया है। इसके अलावा, काशी से हल्दिया तक की इनलैंड वाटरवेज परियोजना और देश के पहले रोपवे प्रोजेक्ट ने भी शहर के विकास को नई दिशा दी है।
गंगा में अब आचमन और स्नान की सुविधा
सीएम योगी ने गंगा नदी में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से पहले गंगा के पानी का उपयोग आचमन तक के लिए नहीं हो सकता था। लेकिन अब गंगा में स्नान और आचमन दोनों ही संभव हैं। यह बदलाव काशी के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के प्रयासों का परिणाम है।
काशी के घाटों का निखार और पर्यटकों की बढ़ती संख्या
काशी के घाटों की हालत 2014 से पहले बहुत खराब थी। लेकिन अब, इन घाटों की सफाई और सौंदर्यकरण ने उन्हें एक नया रूप दिया है। देश का सबसे बड़ा घाट—नमो घाट—अब काशी का प्रमुख आकर्षण बन चुका है, जो भारतीयों को अपनी ओर खींचता है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले, काशी विश्वनाथ मंदिर में मुश्किल से 50 श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर पाते थे। लेकिन अब, मंदिर के दर्शन के लिए 50 हजार श्रद्धालु आराम से एक साथ आ सकते हैं। श्रद्धालुओं को अब आराम से दर्शन और अभिषेक करने की सुविधा मिलती है।
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