केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री श्री मोदी को आतंकवादी कहे जाने पर कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह शब्द श्री मोदी को नहीं कहे गए अपितु देश की 145 करोड़ जनता को कहे गए है जिसने मतदान कर तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री चुना है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांग्रेस को अपने इतिहास के उन काले पन्नों को देखना चाहिए, जिनमें पाकिस्तान के प्रति नरमी, तुष्टिकरण और संदिग्ध राजनीतिक सहानुभूति दर्ज है। यह बयान केवल राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन नहीं, बल्कि देश की जनता, सेना और राष्ट्रभावना का भी अपमान है।
श्री मौर्य ने कहा कि यह जगजाहिर है कि पाकिस्तान आतंकवाद की नर्सरी है, और इस आतंकी मानसिकता वाले देश की हमेशा यह इच्छा रही है कि भारत में ऐसी कमजोर सरकार हो, जो उसके मंसूबों पर कठोर प्रहार न करे। दुर्भाग्य से कांग्रेस के अनेक नेताओं के बयानों और आचरण ने बार-बार इस आशंका को बल दिया है। कांग्रेस नेताओं का पाकिस्तान जाकर मोदी विरोध के लिए समर्थन तलाशना देश कभी भूला नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में आतंकी हमले होते रहे, लेकिन पाकिस्तान के प्रति नीति अक्सर नरम और निस्तेज रही। मुंबई हमला हो या अन्य आतंकी घटनाएँ - देश ने देखा कि कांग्रेस की प्रतिक्रिया में दृढ़ प्रतिकार की जगह कूटनीतिक संकोच अधिक दिखा। पाकिस्तान और उसकी आतंकी नर्सरी पर वास्तविक हथौड़ा 2014 के बाद चला, जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने आतंक के खिलाफ ‘घर में घुसकर मारने’ की नीति और क्षमता दोनों का परिचय दिया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और आतंक के खिलाफ शून्य-सहनशीलता की नीति ने दुनिया को नया भारत दिखाया। लेकिन विडंबना यह है कि कांग्रेस आज भी ऐसे मुद्दों पर राष्ट्र के साथ खड़े होने के बजाय, अक्सर वही भाषा बोलती दिखती है जिससे पाकिस्तान को राहत मिलती है। खरगे जी का बयान इसी मानसिकता की सोच है।



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