Up Kiran, Digital Desk: मौसम में हो रहे बदलाव ने देश के कई हिस्सों में सर्दी और बारिश का कहर मचाया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश ने ठंड को और बढ़ा दिया है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 से 26 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी कोहरे के कारण दृश्यता में कमी की संभावना जताई है।
राजस्थान में कड़ी सर्दी और बारिश
राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से बारिश ने ठंड का असर और बढ़ा दिया है। भरतपुर जैसे इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि कई जगह ओलावृष्टि भी देखी गई। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में कड़ी सर्दी और शीतलहर का प्रकोप रहा।
हरियाणा में मौसम का अचानक बदलना
पश्चिमी विक्षोभ के कारण हरियाणा में शुक्रवार को मौसम ने अचानक पलटी खाई। रात से शुरू हुई तेज हवाओं और बारिश ने तापमान में बदलाव किया। सुबह होते-होते कई जिलों में घने बादल छाए रहे, जिससे दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बना रहा।
तापमान में भारी उतार-चढ़ाव
मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
रात के तापमान में 5 से 6 डिग्री की बढ़ोतरी।
दिन के तापमान में 8 से 12 डिग्री की गिरावट।
इसके अलावा सिरसा, भिवानी और फरीदाबाद में ओलावृष्टि भी हुई। इन जिलों में हुई बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद रही।
आने वाले दिनों के लिए अलर्ट
मौसम विभाग ने 25 जनवरी तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। इसके अलावा 27-28 जनवरी को एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ आने की चेतावनी दी गई है। कैथल, कुरुक्षेत्र और अंबाला में तेज आंधी और ओलावृष्टि के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में घने कोहरे के कारण यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
जिलावार मौसम का हाल
सिरसा: नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में 13 गांवों में ओलावृष्टि के कारण गेहूं, सरसों और चने की फसल को नुकसान हुआ। वहीं, अन्य हिस्सों में 8 मिमी बारिश से फसलों को फायदा हुआ।
यमुनानगर: 20 मिमी बारिश और तेज तूफान से जनजीवन प्रभावित हुआ। लोहे का शेड गिरने और 200 बिजली पोल क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आईं।
अंबाला: 42.2 मिमी बारिश के बाद 55 बिजली पोल और 17 ट्रांसफार्मर गिर गए।
चरखी दादरी: लगातार बारिश के कारण सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ी, जिससे किसानों को करीब 2.5 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। हालांकि बिजली सप्लाई में व्यवधान भी देखा गया।
जींद: 13.7 मिमी बारिश के कारण गणतंत्र दिवस समारोह की रिहर्सल का स्थान बदलना पड़ा।
फतेहाबाद: 16-25 मिमी बारिश से फसल को लाभ हुआ, लेकिन जलभराव और ठंडी हवाओं से ठिठुरन भी बढ़ी।
कैथल: 35 मिमी बारिश के कारण बाजार सूने पड़े, हालांकि किसानों के लिए फसल लाभकारी साबित हुई। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश का अनुमान है।
करनाल: 20.4 मिमी बारिश और 8 किमी/घंटा की तेज हवाओं से ठंड बढ़ी। नमी का स्तर 98% तक पहुंच गया।
पानीपत: 18.2 मिमी बारिश के बाद प्रदूषण स्तर में कमी आई, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या रही।
रोहतक: 5 मिमी बारिश से तापमान गिरा, ठंड तेज हो गई और फसलों को लाभ हुआ। जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हुई।
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