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Up Kiran, Digital Desk: 90 के दशक में म्यूजिक इंडस्ट्री में जो बदलाव आया, उसका एक प्रमुख हिस्सा था कुमार सानू का रोमांटिक गाने के लिए लिया गया योगदान। उनकी आवाज़ ने न सिर्फ एक नई पहचान बनाई, बल्कि उन्हें एक ऐसे अनुभव का सामना भी करना पड़ा, जिसे शायद वह कभी न भूलें। इस बारे में हम बात करेंगे कि कैसे एक सुपरहिट गाना न सिर्फ उनके करियर को ऊंचाई तक पहुंचा सका, बल्कि उन्हें एक अजीब और अनचाही स्थिति में भी डाल दिया।

"मैं दुनिया भुला दूंगा" का सुपरहिट सफर

कुमार सानू के लिए "मैं दुनिया भुला दूंगा" गाना एक ऐतिहासिक पल साबित हुआ। इस गाने के जरिए उन्होंने न केवल अपनी गायकी को साबित किया, बल्कि फिल्म आशिकी ने उन्हें पूरे देश में मशहूर कर दिया। गाने के बोल समीर आन्जान ने लिखे थे और संगीत दिया था नदीम-श्रवण ने। इस गाने के साथ-साथ कुमार सानू ने अपने गायन का जो जादू पेश किया, उसने लोगों के दिलों में एक खास जगह बना ली।

गाने की दीवानगी का अनोखा पहलू

हालांकि, यह गाना कुमार सानू के लिए सफलता लेकर आया, लेकिन इसके साथ ही एक अजीबोगरीब घटना भी जुड़ी हुई है। खासकर जब यह गाना बिहार और उत्तर प्रदेश में जबरदस्त हिट हुआ, तो वहां के लोग इस गाने के दीवाने हो गए। इसका असर इतना गहरा था कि कुमार सानू को एक बार नहीं, बल्कि कई बार यह गाना गवाने के लिए मजबूर किया गया।

कुमार सानू ने इस बारे में बताया, "जब मैं बिहार में था, तो मुझे यह गाना 7-8 बार गवाने के लिए कहा गया। जब मैंने पहले दो बार गा लिया तो सोचा कि अब सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन फिर भी लोग चाहते थे कि मैं और गाऊं।" यह स्थिति उनके लिए न केवल असहज थी, बल्कि एक तरह से उनकी लोकप्रियता का असर भी नजर आ रहा था।

यूपी-बिहार में गाने की दीवानगी

कुमार सानू का मानना है कि यूपी और बिहार में उन्हें इस गाने के लिए जो प्यार मिला, वह अद्वितीय था। उन्होंने बताया कि वह दोनों राज्यों में अपने फैंस के बीच बहुत ज्यादा पसंद किए गए थे और उनके लिए यह अनुभव हमेशा खास रहेगा। गाने की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि यह अब तक लोगों की यादों में बसा हुआ है और आज भी इसे एक हिट गाना माना जाता है।