img

Up Kiran, Digital Desk: बिहार में ज़मीन खरीदने और बेचने में धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। फर्जी दस्तावेज़, एक ही ज़मीन को कई लोगों को बेचना और विवादित ज़मीनों के सौदे आम हो गए हैं। ऐसे मामलों में लोग न सिर्फ वित्तीय नुकसान उठाते हैं, बल्कि कानूनी झंझटों में भी फंस जाते हैं। यह समस्या सिर्फ आम जनता के लिए नहीं, बल्कि संपत्ति निवेशकों और रियल एस्टेट व्यापारियों के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन धोखाधड़ी से बचने के लिए कुछ अहम कदम उठाना जरूरी है।

1. ज़मीन के स्वामित्व की गहरी जांच करें

सबसे पहले ज़मीन के स्वामित्व का सही तरीके से सत्यापन करना बेहद महत्वपूर्ण है। खतियान, खेसरा और जमाबंदी जैसे सरकारी दस्तावेज़ों से यह आसानी से पता चल जाता है कि ज़मीन किसके नाम पर है। यदि ज़मीन पारिवारिक है और इसमें कई उत्तराधिकारी शामिल हैं, तो सभी की सहमति के बिना खरीदारी करना भविष्य में विवाद खड़ा कर सकता है। इसलिए दस्तावेज़ों की गहनता से जांच करना न भूलें।

2. विवादित ज़मीन से बचें

कई बार ज़मीन पर पहले से कोर्ट केस चल रहे होते हैं या कोई बंटवारे का मामला अटका होता है। ऐसे मामलों में फंसने से बचने के लिए सिर्फ सरकारी दफ्तरों से ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों और पंचायत के स्तर से भी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। यह सावधानी आपको भविष्य में बड़े कानूनी संकट से बचा सकती है।

3. भौतिक सत्यापन से पहले रजिस्ट्री न करें

कागजों पर ज़मीन का क्षेत्रफल और वास्तविक ज़मीन का आकार अलग-अलग हो सकते हैं। ऐसे में ज़मीन का भौतिक सत्यापन और मापी कराना बेहद जरूरी है। यह सुनिश्चित करें कि ज़मीन की सीमाएँ और रास्ते स्पष्ट रूप से चिन्हित हों, ताकि बाद में कोई विवाद न हो।

4. सरकारी मूल्य और बकाया लगान की जांच करें

ज़मीन खरीदते समय यह ध्यान रखना बेहद आवश्यक है कि उस पर कोई बकाया लगान न हो और रजिस्ट्री सरकारी सर्किल रेट के अनुसार ही कराई जाए। इस तरह, भविष्य में किसी भी कानूनी अड़चन से बचा जा सकता है। यदि ज़मीन पर कोई बकाया हो, तो आपको यह पहले ही स्पष्ट कर लेना चाहिए।

5. सरकारी निबंधन कार्यालय से ही रजिस्ट्री करवाएं

यह सबसे अहम बिंदु है—आपकी ज़मीन की रजिस्ट्री सिर्फ सरकारी निबंधन कार्यालय में ही होनी चाहिए। सादे कागज़ पर या बिना आधिकारिक दस्तावेज़ के सौदा कानूनी रूप से वैध नहीं माना जाएगा। सरकारी निबंधन से ही आपका लेन-देन कानूनी सुरक्षा प्राप्त करता है, जिससे भविष्य में कोई विवाद नहीं होगा।