Up Kiran, Digital Desk: बिहार के डिप्टी सीएम और राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को सरकार की सख्त नीतियों को लेकर एक अहम बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में अब किसी भी तरह के जाली दस्तावेज़ों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह नामांतरण, दाखिल-खारिज, सरकारी भूमि के मामले हों, या अन्य भूमि संबंधी कार्य, फर्जी दस्तावेज़ों का सहारा लेकर किसी को भी गलत फायदा उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अंचल अधिकारियों को सख्त निर्देश
विजय कुमार सिन्हा ने इस संदर्भ में अंचलाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भू-राजस्व कार्यवाही में फर्जी दस्तावेज़ सामने आते हैं, तो तत्काल प्राथमिकी दर्ज करानी होगी। इसके अलावा, कोई भी लापरवाही या संरक्षण देने की कोशिश कड़ी कार्यवाही का कारण बनेगी। सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार भूमि माफिया और दलालों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है और अब इसे लेकर कोई भी ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
जमीन माफिया और दलालों के खिलाफ एक सशक्त नीति
बिहार सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भूमि से जुड़े मामलों में अब शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। भूमि माफिया, दलालों और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से लागू होगा। विभाग के सचिव गोपाल मीणा ने अंचलाधिकारियों को यह निर्देश जारी किया है कि यदि किसी भी कार्यवाही में जाली दस्तावेज़ों का आरोप लगता है, तो उसे तुरंत भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत गंभीर अपराध मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
फर्जी दस्तावेज़ों से होने वाली परेशानियों पर कड़ी नजर
सार्वजनिक भूमि से जुड़े मामलों में भी कई बार फर्जी दस्तावेज़ों का सहारा लिया जाता है। इससे प्रशासन को गुमराह किया जाता है, जो न केवल सरकार के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी समस्याएँ खड़ी करता है। कई बार अंचल स्तर पर ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती, जिससे कानून की प्रक्रिया में देरी होती है। अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अगर किसी भी स्तर पर ऐसे मामले सामने आए, तो कार्रवाई बिना किसी देरी के की जाए।




