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UP Kiran,Digital Desk: बिहार सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 1 जुलाई से 213 नए डिग्री महाविद्यालयों को शुरू करने का ऐलान किया है। यह कदम खासकर उन क्षेत्रों में अहम साबित होगा, जहां पहले उच्च शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस पहल से लाखों छात्रों को अपने ही इलाके में स्नातक की पढ़ाई करने का सुनहरा अवसर मिलेगा, जो उनके लिए दूर दराज के शहरों में जाने के विकल्प को खत्म कर देगा।

शिक्षा का विस्तार – कला, विज्ञान और वाणिज्य

नई कॉलेजों में शुरुआती तौर पर कला संकाय के विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान और हिंदी/अंग्रेजी साहित्य जैसे विषयों का चुनाव किया गया है। साथ ही, दर्शनशास्त्र, शिक्षा शास्त्र, ललित कला और गृह विज्ञान जैसे विषयों को भी चरणबद्ध तरीके से पढ़ाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में विज्ञान और वाणिज्य विषयों की डिमांड अधिक होगी, वहां उन संकायों को खोलने की योजना बनाई गई है, जिससे छात्रों को अपनी पसंद के विषय में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

'सात निश्चय-तीन' योजना के तहत यह पहल

बिहार सरकार की 'सात निश्चय-तीन' योजना के तहत यह बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने सभी शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी शैक्षणिक सत्र, जो 1 जुलाई से शुरू होगा, उससे पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाए। 213 ऐसे प्रखंडों की सूची तैयार की गई है, जहां पहले कोई डिग्री कॉलेज नहीं था।