Up kiran,Digital Desk : विजय थलापति की फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की बेंच ने कई घंटे की बहस के बाद फिल्म के रिलीज से जुड़े फैसले को सुरक्षित रखा।
सुनवाई क्यों हुई देर से?
कोर्ट ने बताया कि ‘जन नायकन’ मामला अन्य मामलों के बाद ही सुना जा सकता था। इस फिल्म के मेकर्स और सेंसर बोर्ड के बीच विवाद के कारण फिल्म का भविष्य अब भी अधर में लटका हुआ है।
पूरा विवाद क्या है?
विजय की यह अंतिम फिल्म होने वाली थी, जो 9 जनवरी को रिलीज होनी थी।
फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला, क्योंकि बोर्ड ने फिल्म में अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर आपत्ति जताई थी।
6 जनवरी को मेकर्स ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि रिलीज में देरी से लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
9 जनवरी को एकल जज ने फिल्म को यूए सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था, जिसे बाद में डिविजन बेंच ने रोक दिया।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
फिल्म के निर्माताओं ने अंतरिम आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया।
अब आगे क्या होगा?
मद्रास हाईकोर्ट का फैसला इस मामले में निर्णायक माना जा रहा है। कोर्ट का आदेश आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ‘जन नायकन’ कब और कैसे रिलीज होगी।
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