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Up Kiran, Digital Desk: लक्सर के एक छोटे से गांव में दो युवकों द्वारा एक युवती की निजता को भंग किए जाने का मामला सामने आया। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय समाज को, बल्कि पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। इस मामले में सिविल जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुराग त्रिपाठी की अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई है।

दो युवकों ने युवती की निजता भंग की

15 अप्रैल 2015 को दिन के लगभग दो बजे, जब वादी लाल सिंह खेत में काम कर रहे थे, घर में उनकी दोनों बेटियां और दादी अकेले थीं। उसी समय आरोपी गुरुचरणदास और शुभम ने घर में घुसने के लिए पूछताछ का बहाना बनाया। घर में कोई पुरुष सदस्य न होने के कारण, युवती स्नान कर रही थी। आरोप है कि दोनों युवकों ने न केवल युवती की निजता का उल्लंघन किया बल्कि बाथरूम में घुसने का प्रयास किया और वहां से उसे अश्लील गालियां दीं।

परिजनों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर शोर मचाया, लेकिन आरोपित वहां से फरार हो गए।

कोतवाली लक्सर में पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 504 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ धारा 452 भी जोड़ दी गई। मामले की सुनवाई के बाद, कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी।

सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुराग त्रिपाठी ने गुरुचरणदास और शुभम को धारा 452 के तहत दो-दो वर्ष की सजा और 500 रुपये का अर्थदंड लगाया। इसके अलावा, धारा 509 के तहत एक-एक वर्ष की सजा और 500 रुपये का जुर्माना भी दोनों पर लगाया गया।