Up Kiran, Digital Desk: जापान की राजनीति में आज एक बड़ा मोड़ आया है.प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा और उनके पूरे मंत्रिमंडल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके साथ ही लगभग एक साल पुरानी सरकार का अंत हो गया है.
मंगलवार सुबह एक विशेष कैबिनेट बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी मंत्रियों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए. इसके बाद इशिबा मंत्रिमंडल को औपचारिक रूप से भंग कर दिया गया.आज दोपहर में ही संसद के दोनों सदनों में नए प्रधानमंत्री का चुनाव किया जाएगा
इस रेस में सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) की अध्यक्ष सना ताकाइची का नाम सबसे आगे चल रहा है. उन्हें जापान इनोवेशन पार्टी का भी समर्थन मिलने की उम्मीद है, जिसके साथ एलडीपी ने नया गठबंधन बनाया है. चुनाव के बाद, ताकाइची अपने मंत्रिमंडल का गठन करेंगी और मुख्य कैबिनेट सचिव नए मंत्रियों के नामों की घोषणा करेंगे.
ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी, जिसमें वो अपनी नीतियों और प्रमुख मंत्रियों की नियुक्ति के पीछे की वजहों के बारे में जानकारी देंगी.
हालांकि, गठबंधन के बावजूद ताकाइची के पास संसद के दोनों सदनों में पूर्ण बहुमत नहीं है. इसका मतलब है कि कानून पास कराने के लिए उन्हें दूसरी विपक्षी पार्टियों के समर्थन की जरूरत होगी. इसे लेकर उनकी सरकार की स्थिरता और वो कितने समय तक चलेगी, इस पर कुछ चिंताएं जताई जा रही हैं. 64 साल की ताकाइची को लैंगिक समानता जैसे प्रगतिशील सुधारों का विरोध करने के लिए जाना जाता है.
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