Up kiran,Digital Desk : अमेरिका में बहुचर्चित एपस्टीन फाइल्स को लेकर एक बार फिर सियासी और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। न्याय विभाग की ओर से जारी किए गए दस्तावेजों के नए बैच में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े ऐसे दावे सामने आए हैं, जिन्होंने वॉशिंगटन से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक सनसनी फैला दी है। इन फाइल्स में दावा किया गया है कि ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान इस्राइल के दबाव में थे और कुछ अहम फैसलों में बाहरी दखल भी देखने को मिला।
30 लाख दस्तावेज, हजारों फोटो-वीडियो
न्याय विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी इस खेप में करीब 30 लाख दस्तावेज, 1.80 लाख फोटो और लगभग 2 हजार वीडियो शामिल हैं। एपस्टीन से जुड़े इन रिकॉर्ड्स में कई पुराने मामलों के साथ नए आरोप भी सामने आए हैं। दस्तावेजों के सार्वजनिक होते ही अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
एफबीआई रिपोर्ट का दावा: ट्रंप पर था इस्राइली दबाव
एपस्टीन फाइल्स से जुड़े ताजा खुलासों में एफबीआई की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसमें ‘विश्वसनीय’ गोपनीय सूत्रों के आधार पर कहा गया कि डोनाल्ड ट्रंप पर इस्राइल का दबाव था। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि कुछ समझौतों के जरिए यह दबाव राष्ट्रपति के निर्णयों को प्रभावित कर रहा था।
जैरेड कुशनर की भूमिका पर उठे सवाल
इन दस्तावेजों में ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार जैरेड कुशनर को लेकर भी गंभीर दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के पहले कार्यकाल में कुशनर का कारोबार और राष्ट्रपति के आधिकारिक कामकाज पर जरूरत से ज्यादा दखल रहा। इतना ही नहीं, कुशनर परिवार के भ्रष्टाचार, रूसी धन प्रवाह और कट्टर यहूदी चबाड नेटवर्क से कथित संबंधों का भी जिक्र किया गया है। फाइल्स में यह भी याद दिलाया गया है कि कुशनर के पिता को वित्तीय मामलों में दोषी ठहराया गया था, जिन्हें बाद में राष्ट्रपति क्षमादान मिला।
अमेरिकी परियोजनाओं में रूसी धन का आरोप
एफबीआई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जैरेड कुशनर ने रूसी निवेश की बड़ी रकम को विभिन्न माध्यमों से स्थानांतरित किया और रूसी राज्य से जुड़े हितों का पूरा खुलासा नहीं किया। रियल एस्टेट निवेश प्लेटफॉर्म ‘कैडर’ में उनकी हिस्सेदारी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। गोपनीय सूत्रों के मुताबिक, यह आशंका जताई गई है कि रूसी धन को बिचौलियों के जरिए अमेरिकी परियोजनाओं में लगाया गया।
बेवर्ली हिल्स हवेली सौदे पर संदेह
रिपोर्ट में ट्रंप से जुड़े पुराने रियल एस्टेट सौदों का भी जिक्र है। खासतौर पर बेवर्ली हिल्स की एक हवेली का सौदा, जिसे ट्रंप ने करीब 41 मिलियन डॉलर में खरीदा और बाद में विदेशी संबंधों वाली एक कंपनी को 95 मिलियन डॉलर में बेच दिया। सूत्रों का कहना है कि इस सौदे में वित्तीय लेनदेन पारदर्शी नहीं थे और इसमें कई विसंगतियां नजर आती हैं।
बिल गेट्स को लेकर भी चौंकाने वाले दावे
एपस्टीन फाइल्स में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का नाम भी सामने आया है। कुछ ईमेल ड्राफ्ट्स में आरोप लगाया गया है कि गेट्स के रूसी महिलाओं से संबंध थे और उन्हें कथित तौर पर यौन संचारित रोग हो गया था। यह भी दावा किया गया कि उन्होंने अपनी तत्कालीन पत्नी मेलिंडा गेट्स को गुप्त रूप से एंटीबायोटिक्स देने की कोशिश की। हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है और गेट्स ने इन्हें सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ये एपस्टीन की हताशा और बदनाम करने की कोशिशों को दिखाते हैं।
सियासी हलकों में बढ़ी बेचैनी
एपस्टीन फाइल्स के इस नए खुलासे ने अमेरिका की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप, कुशनर और अन्य प्रभावशाली हस्तियों से जुड़े इन दावों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।




