Up kiran,Digital Desk : भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी कर दिए हैं। आंकड़े बताते हैं कि कंपनी ने ऊर्जा, रिटेल और डिजिटल सेवाओं (जियो) जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में मजबूती और लचीलापन बनाए रखा।
मुख्य वित्तीय आंकड़े:
समेकित राजस्व: ₹2,93,829 करोड़ (32.7 अरब डॉलर), सालाना 10% की वृद्धि।
समेकित EBITDA: ₹50,932 करोड़, 6.1% बढ़ोतरी।
कर पश्चात शुद्ध लाभ: ₹22,290 करोड़, 1.6% सालाना वृद्धि।
पूंजीगत व्यय (Capex): ₹33,826 करोड़, मुख्य रूप से न्यू एनर्जी, O2C और जियो नेटवर्क विस्तार पर।
शुद्ध कर्ज: ₹1,17,102 करोड़, मामूली कमी।
जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रदर्शन
जियो ने इस तिमाही में दूरसंचार क्षेत्र में मजबूत पकड़ दिखाई:
शुद्ध लाभ: ₹7,629 करोड़, 11.2% वृद्धि।
नए ग्राहक: 89 लाख, कुल ग्राहक 51.53 करोड़।
5G उपयोगकर्ता: 25.30 करोड़, कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक में 5G की हिस्सेदारी 53%।
ARPU और डेटा खपत: प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व ₹213.7, डेटा खपत 40.7 जीबी प्रति माह।
प्रमोशनल ऑफर्स: जियो-जेमिनी और यूट्यूब प्रीमियम के जरिए सेवाओं का विस्तार।
रिलायंस रिटेल का ग्रोथ
रिटेल सेगमेंट ने भी मजबूती दिखाई:
राजस्व: ₹97,605 करोड़, 8.1% वृद्धि।
स्टोर विस्तार: 431 नए स्टोर, कुल 19,979।
जियोमार्ट: दैनिक ऑर्डर 16 लाख से अधिक, सालाना 360% वृद्धि।
ग्राहक लेनदेन: 50 करोड़ पार।
ऊर्जा और O2C सेगमेंट
O2C व्यवसाय ने ₹1,62,095 करोड़ का राजस्व दर्ज किया और EBITDA में 14.6% की वृद्धि हुई।
ऑयल एंड गैस (अपस्ट्रीम) को चुनौतियों का सामना करना पड़ा: राजस्व 8.4% घटकर ₹5,833 करोड़, मुख्य कारण KGD6 ब्लॉक से गैस और कंडेनसेट उत्पादन में कमी और कम कीमतें।
मीडिया और डिजिटल कंटेंट
जियोस्टार और जियोहॉटस्टार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया:
राजस्व: ₹8,010 करोड़।
MAUs: 45 करोड़, प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता का संकेत।
रिलायंस समूह के सीएमडी मुकेश अंबानी ने कहा कि कंपनी अब एआई और न्यू एनर्जी के माध्यम से नए मूल्य सृजन के दौर में है और सस्टेनेबल सॉल्यूशंस में अग्रणी भूमिका निभाएगी।
अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी S&P ने रिलायंस की वित्तीय मजबूती को मान्यता देते हुए इसे ‘A-’ रेटिंग दी है।




