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Up Kiran, Digital Desk: काठगोदाम-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-87) को दो-लेन में बदलने की प्रक्रिया अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की पहल के बाद अब करीब 35 किलोमीटर लंबी इस सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 10 गांवों की 8.32 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। इस परियोजना से प्रभावित होने वाले लगभग 200 परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया
जिन गांवों में यह भूमि अधिग्रहण हुआ है, उनमें काठगोदाम, रानीबाग, चौहानपाटा, चोपड़ा, डोलमार, ज्योली, ज्योलीकोट, बेलुवाखान, बल्यूटी, और मोगा दोगड़ा शामिल हैं। इन गांवों में मुआवजे का वितरण योजना के अनुसार किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में बाजार दर का चार गुना और शहरी क्षेत्रों में दोगुना मुआवजा मिलेगा। यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है, और अपर जिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद मुआवजा वितरण जल्द शुरू होगा।

सड़क चौड़ीकरण से होंगे सुधार
एनएच-87 के चौड़ीकरण से जहां सड़क की चौड़ाई सात से दस मीटर से बढ़कर 18 से 24 मीटर तक हो जाएगी, वहीं यात्रा में सुगमता और सुरक्षा में भी बड़ा सुधार होगा। खासकर, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए यह प्रोजेक्ट काफी अहम है, क्योंकि काठगोदाम से नैनीताल तक की यात्रा अब ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बन जाएगी।

पर्यावरण और वन क्षेत्र पर प्रभाव
हालांकि यह परियोजना यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगी, लेकिन पर्यावरण पर भी इसका प्रभाव पड़ने वाला है। सड़क के चौड़ीकरण के लिए करीब 14,000 पेड़ों का कटान करने का अनुमान है। इसके साथ ही, अतिक्रमण कर व्यापार कर रहे दुकानदारों को भी हटाया जाएगा। इस पूरे प्रक्रिया में वन विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि 48 हेक्टेयर वन भूमि का हस्तांतरण केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा मंजूर किया जा चुका है।