Up Kiran,Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में टैक्सी, ऑटो, और मालवाहन से जुड़े नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। शुक्रवार को राज्य परिवहन विभाग ने 2025 के उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान (संशोधन) अधिनियम के तहत नए कर और परमिट नियमों की घोषणा की। इस कदम का उद्देश्य राज्य में परिवहन प्रणाली को बेहतर और अधिक सुरक्षित बनाना है।
भाड़े पर चलने वाले वाहनों पर नए टैक्स नियम
अब से, भाड़े या किराए पर चलने वाले सभी वाहनों पर टैक्स की दरें वाहन के मूल्य, सीट क्षमता और वजन के आधार पर निर्धारित की जाएंगी। वहीं, जो वाहन बिना परमिट के चलते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में वाहन मालिकों से त्रैमासिक कर का पांच गुना जुर्माना वसूला जाएगा।
पुराने वाहनों के मालिकों के लिए खास छूट
पुराने वाहनों के मालिकों को एक बड़ी राहत दी गई है। अब, वाहन के पंजीकरण के आधार पर प्रत्येक वर्ष के लिए 8% की छूट दी जाएगी। यह छूट अधिकतम 75% तक हो सकती है। परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम पुराने वाहनों के मालिकों को आर्थिक राहत देगा और उन्हें नए नियमों के तहत अपनी गाड़ियों का वैध संचालन सुनिश्चित करने का अवसर मिलेगा।
मालवाहन पर नई कर दरें
मालवाहनों के लिए भी कर दरें निर्धारित की गई हैं। 7500 किलोग्राम से अधिक वजन वाले भारी वाहनों पर अब त्रैमासिक और वार्षिक कर लागू होगा। वहीं, ट्रैक्टर और कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर लदान रहित भार के आधार पर कर लगाया जाएगा। यदि कोई मालवाहन यात्रियों को भाड़े पर ले जाता है, तो प्रति यात्री 2200 रुपये अतिरिक्त कर वसूला जाएगा।
सार्वजनिक वाहनों पर विशेष कर व्यवस्था
राज्य परिवहन निगम के तहत चलने वाले सार्वजनिक वाहनों पर अब चालक सीट को छोड़कर हर सीट पर कर लगाया जाएगा। वातानुकूलित सार्वजनिक वाहनों पर सामान्य कर दर से 50% अधिक कर लिया जाएगा। इसके अलावा, खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति वाले वाहनों में स्वीकृत क्षमता का 50% अतिरिक्त माना जाएगा, जबकि स्लीपिंग बर्थ वाले वाहनों में एक बर्थ को दो सीटों के बराबर माना जाएगा।
नई टैक्स दरें - मुख्य बिंदु
तिपहिया मोटर कैब: 7% (एकमुश्त)
माल वाहन (3000 किग्रा तक): 3%
माल वाहन (3000–7500 किग्रा): 6%
पुराने वाहन: 75% तक छूट
निर्माण उपस्कर/विशेष प्रयोजन वाहन: 6%
दोपहिया टैक्सी: वाहन मूल्य का 12.5% (एकमुश्त)
मोटर/मैक्सी कैब: 10 लाख तक 10.5%, 10 लाख से अधिक 12.5%
बिना परमिट वाहन: त्रैमासिक कर का पांच गुणा जुर्माना




