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Up kiran,Digital Desk : भारतीय शेयर बाजार ने 2026 के शुरुआती कारोबारी सत्रों में जबरदस्त मजबूती दिखाई और शुक्रवार को नया रिकॉर्ड कायम किया। बैंकिंग, पावर और मेटल सेक्टर में चौतरफा खरीदारी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया। इसी तरह, बीएसई सेंसेक्स में भी 500 से अधिक अंकों की तेजी दर्ज की गई।

निफ्टी और सेंसेक्स के आंकड़े

कारोबार के दौरान निफ्टी ने 26,340 अंक का इंट्रा-डे रिकॉर्ड बनाया और अंत में 182 अंक या 0.70% की तेजी के साथ 26,328.55 पर बंद हुआ।

बीएसई सेंसेक्स 573.41 अंक या 0.67% बढ़कर 85,762.01 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 85,812.27 का उच्च स्तर भी छुआ।

रुपया डॉलर के मुकाबले 22 पैसे गिरकर 90.20 रुपये प्रति डॉलर (अस्थायी) पर स्थिर रहा।

तेजी के पीछे कारण

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एशियाई बाजारों में आई तेजी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) द्वारा लगातार की जा रही पूंजी की आमद ने बाजार को नई ऊंचाई पर पहुंचाया।

मुख्य तेज़ी वाले शेयर: एनटीपीसी, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स।

दबाव वाले शेयर: आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल।

संस्थागत निवेशकों की गतिविधि:

गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,268.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने (DIIs) 1,525.89 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
स्थानीय निवेशकों का यह भरोसा बाजार को वैश्विक अस्थिरता के बीच मजबूती दे रहा है।

वैश्विक बाजार और कच्चे तेल का असर

दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक उल्लेखनीय तेजी के साथ बंद हुए।

चीन और जापान के बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे।

यूरोपीय बाजार भी सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं, जबकि अमेरिकी बाजार नए साल की छुट्टी के कारण गुरुवार को बंद थे।

ब्रेंट क्रूड तेल में 0.36% की गिरावट के साथ कीमत 60.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। यह भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए सकारात्मक संकेत है।

बाजार की आगे की दिशा

गुरुवार की मामूली बढ़त के बाद शुक्रवार की रिकॉर्ड तेजी बुलिश ट्रेंड का संकेत देती है।

निफ्टी का 26,300 के पार निकलना तकनीकी रूप से मजबूत संकेत माना जा रहा है।

आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और तिमाही नतीजों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।