Up Kiran, Digital Desk: सीएम नीतीश कुमार की हाल ही में दिल्ली यात्रा के बाद बिहार में राजनीति की हलचल तेज हो गई है। राज्य में एनडीए सरकार के गठन के करीब दो महीने बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएँ जोरों पर हैं। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विस्तार 14 जनवरी के बाद कभी भी हो सकता है, और इससे राज्य की राजनीति में एक नई दिशा की उम्मीद जताई जा रही है।
विस्तार के तहत कौन-कौन शामिल हो सकते हैं?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में कुल 9 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। इनमें से 6 मंत्री जनता दल यूनाइटेड (JDU) से और 3 मंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) से हो सकते हैं। अगर यह विस्तार हो जाता है तो राज्य मंत्रिमंडल में कुल 35 मंत्री हो सकते हैं।
बिहार मंत्रिमंडल की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में बिहार मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की संख्या कुछ इस प्रकार है:
JDU: 9 मंत्री, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हैं।
BJP: 14 मंत्री, जिनमें दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी शामिल हैं।
LJP (रामविलास): 2 मंत्री
HAM (सेक्युलर): 1 मंत्री
RLM: 1 मंत्री
36 मंत्रियों तक विस्तार की संभावना
राज्य के संविधान के अनुसार, बिहार में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 36 मंत्री हो सकते हैं। यदि प्रस्तावित विस्तार पूरा होता है तो यह संख्या 35 तक पहुँच सकती है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किस तरह से यह विस्तार करेंगे, और यह बिहार के राजनीतिक संतुलन को किस दिशा में प्रभावित करेगा।
14 जनवरी के बाद क्या होगा?
सभी की निगाहें अब 14 जनवरी के बाद होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर हैं। इस तारीख के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई भी निर्णय हो सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले का इंतजार पूरे राज्य को है, क्योंकि इस विस्तार से न केवल राजनीति में बदलाव आएगा, बल्कि जनता के बीच यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि नए मंत्रियों के आने से प्रशासन और विकास कार्यों को गति मिल सकती है।
राजनीतिक हलकों में इस मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएँ तेज हैं, और यह देखा जाएगा कि राज्य की वर्तमान सरकार में कौन-कौन से नए चेहरे शामिल होते हैं और उनकी नियुक्ति से किस तरह के बदलाव आते हैं।
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