Up Kiran, Digital Desk: हेलो सर, मैं आपके बैंक से बोल रहा हूं आपका ATM कार्ड ब्लॉक हो गया है।" - यह एक ऐसी लाइन है, जिसे सुनकर अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। आजकल ऑनलाइन फ्रॉड और स्कैम इतने बढ़ गए हैं कि यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा फोन कॉल असली है और कौन सा नकली। लेकिन अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार ने आपकी इस सबसे बड़ी मुश्किल का हल निकाल लिया है।
दूरसंचार विभाग (DoT) ने 'चक्षु' (Chakshu) नाम से एक नया पोर्टल लॉन्च किया है, जो आपकी इस उलझन को हमेशा के लिए खत्म कर देगा। यह पोर्टल 'संचार साथी' पहल का ही एक हिस्सा है और इसका मकसद आम आदमी को वित्तीय धोखाधड़ी से बचाना है।
कैसे काम करता है यह 'चक्षु' पोर्टल?
मान लीजिए, आपके पास किसी अनजान नंबर से फोन आता है और सामने वाला खुद को आपके बैंक, बीमा कंपनी या किसी भी वित्तीय संस्था का कर्मचारी बताता है। अब आपको बस इतना करना है:
इस पोर्टल पर, सभी बड़े बैंकों, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों के असली और वेरिफाइड फोन नंबर और SMS हेडर (जैसे VM-ICICIB, BZ-KOTAKBK) की लिस्ट मौजूद है। आप कुछ ही सेकंड में यह चेक कर सकते हैं कि जिस नंबर से आपको कॉल आया है, वह इस लिस्ट में है या नहीं।
क्या होगा अगर नंबर लिस्ट में नहीं है?
अगर आपको कॉल करने वाला नंबर या SMS भेजने वाला सेंडर आईडी इस सरकारी लिस्ट में नहीं मिलता है, तो इसका मतलब है कि वह कॉल या मैसेज फ्रॉड हो सकता है। ऐसे में आप तुरंत सावधान हो जाएं और अपनी कोई भी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी (जैसे OTP, CVV, पासवर्ड) उसके साथ साझा न करें। आप चाहें तो उसी पोर्टल के जरिए उस फ्रॉड नंबर की शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
यह पोर्टल डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा और जरूरी कदम है। यह न सिर्फ आपको स्कैमर्स से बचाएगा, बल्कि आपको यह पहचानने की ताकत भी देगा कि कौन असली है और कौन नकली। तो अगली बार जब कोई कहे, "मैं बैंक से बोल रहा हूं," तो घबराएं नहीं, बस 'चक्षु' पोर्टल पर जाकर उसकी सच्चाई परख लें।

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