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UP Kiran,Digital Desk: यूपी के 74 जिलों में हाल ही में एक नया कदम उठाया गया है, जिससे राज्य के नागरिकों के लिए कानूनी सहायता प्राप्त करना और भी आसान हो गया है। इस पहल के तहत, राज्यभर में विशेष विधिक सेवा प्रचार वाहनों को रवाना किया गया है, और साथ ही एक नई राज्य स्तरीय मध्यस्थता हेल्पलाइन (1800-180-1212) भी लॉन्च की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को न केवल मुफ्त कानूनी परामर्श प्रदान करना है, बल्कि उन्हें विभिन्न विवादों के समाधान के लिए एक वैकल्पिक और सरल रास्ता भी उपलब्ध कराना है।

मुफ्त कानूनी सहायता अब एक कॉल दूर

यह नई हेल्पलाइन एक गेम चेंजर साबित हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो कानूनी मामलों में उलझे हुए हैं लेकिन उन्हें अदालत जाने का समय या साधन नहीं है। अब, लोग इस हेल्पलाइन पर कॉल करके अपने परिवारिक, संपत्ति या अन्य विवादों के समाधान के लिए विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वालों के लिए यह सेवा वरदान साबित होगी, जहां कोर्ट तक पहुंचना कठिन होता है।

विधिक सेवा वाहनों के जरिए जागरूकता फैलाना

इस पहल में प्रयुक्त मल्टी-यूटिलिटी विधिक सेवा प्रचार वाहन दूर-दराज के इलाकों में जाकर लोगों को कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। यह वाहन लोगों को बताएंगे कि किस परिस्थिति में वे मुफ्त कानूनी सहायता के हकदार हैं और कैसे वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) के जरिये अपने मामलों का हल पा सकते हैं। इस योजना से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर व्यक्ति को अपनी कानूनी सहायता तक पहुंच सुनिश्चित हो, चाहे वह कहीं भी हो।

समय और पैसा दोनों की होगी बचत

कानूनी मामलों में आमतौर पर समय और धन की बड़ी बर्बादी होती है, खासकर जब लोग अदालतों का रुख करते हैं। अब यह नई पहल अदालत जाने से पहले ही विवादों का हल सुझाने का अवसर प्रदान करती है। इसके जरिए लोग अपने समय और पैसों की बचत कर सकेंगे, और साथ ही न्याय की प्रक्रिया भी अधिक सुलभ और सरल बनेगी।